राजस्थान में चल रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तीन दिवसीय बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने हिन्दू शराणार्थियों के लिए पुनर्वास नीति घोषित करने की मांग की है।
भाजपा अध्यक्ष ने इस संबंध में पूछे एक सवाल के जवाब में कहा कि शराणार्थियों के लिए भारत में कोई नीति नहीं हैं इसकी वजह से उनका पुनर्वास नहीं हो पाता है।
बैठ में राजनाथ ने पाकिस्तान और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में हिंदु शरणार्थियों के आने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वहां के अंदरूनी हालात के कारण उन्हें अपना देश छोड़ना पड़ता है लेकिन भारत आने पर भी उन्हें शरण नहीं मिलती।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान के जामडोली स्थित केशव विद्यापीठ में तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक कर रहा है। बैठक से पहले अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख जे नंदकुमार और सर सह कार्यवाहक दात्रेय होश बोले ने बताया कि बैठक में संघ की नीतियों का निर्धारण होगा। इसके अलावा पिछले साल के कार्यों की समीक्षा, गुणात्मक कार्य प्रगति की समीक्षा, शाखा के कार्यों और समाज में गुणात्मक परिवर्तन पर चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में हिंदू शरणार्थियों की स्थिति पर प्रस्ताव रखा जाएगा। साथ ही सहमति से संबंध बनाने की उम्र 18 से 16 करने पर संघ की प्रतिनिधि सभा में मंथन के बाद राय दी जाएगी।
संघ की इस अखिल भारतीय प्रतिनिघि सभा की बैठक में देशभर से 1493 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसमें चालीस महिला प्रतिनिधि भी हैं। इसमें भाजपा संगठन महामंत्री रामलाल, सह संगठन महामंत्री श्योदान सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह शामिल हैं। फिलहाल यहां पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी के आने का कार्यक्रम फिलहाल तय नहीं है।