रीट पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान में राजनीति सरगर्मी बढ़ी हुई है। भाजपा मामले की जांच सीबीआई से कराने के लेकर अड़ी हुई है तो सरकार इस बात से साफ इंकार कर रही है। सीएम अशोक गहलोत ने विधासभा में साफ तौर पर कह दिया है कि केस की जांच सीबीआई को नहीं दी जा जाएगी। इसे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सरकार पर हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि एसओजी की अपनी एक मर्यादा है, वह मुख्यमंत्री से बात नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि एसओजी ने राजद्रोह के केस दर्ज किए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें वापस करा दिया। इससे साफ होता है कि एसओजी सरकार के दबाव में काम करती है। ऐसे में यह कैसे कहा जा सकता है कि रीट मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कर सकती है।
सवाल: नौकरियों को रोकने के लिए सीबीआई जांच चाह रही भाजपा?
भाजपा सरकार के समय निकाल गई नौकरियों को तीन साल हो गए हैं, अगर सरकार की नीयत साफ होती तो उन नौकरियों के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाता। अलग-अलग कैटागरी की परीक्षाएं 15 बार रद्द की गई हैं। सरकार को सीबीआई जांच से डरने की जरूरत नहीं है, वह निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच करेगी और सच सामने आएगा। सीएम अशोक गहलोत गलत तरीके से अपना बचाव कर रहे हैं, अगर उन्हें युवाओं को नौकरी देनी है तो एक लाख भर्ती निकाल कर तीन महीने में परीक्षा कराएं और नौकरी दें। युवाओं को रोजगार देने से सरकार को कोई नहीं रोक रहा है। इस तरह की बात कर वे युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।
सवाल: सीएम ने विधानसभा घेराव को बताया फ्लॉप?
24 घंटे के ऐलान पर हजारों लोग जयपुर आ गए। सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने के लिए बाड़मेर और बांसवाड़ा से भी लोग आए थे। अगर भीड़ कम थी तो वाटर कैनन और लाठीचार्ज क्यों किया गया और इतनी पुलिस क्यों लगाई गई थी। सरकार ने अगर लोगों को रास्तें में रोका नहीं होता तो आंदोलन में कम से कम एक लाख लोग शामिल होते। यह सरकार तो दीवार पर लिखी गई एक इबारत से ही हिल गई थी, आंदोलन तो उससे भी बड़ा था। कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के युवाओं, किसानों और आम जनता को ठगा है। अब इनके पाप का घड़ा भर चुका है। सरकार प्रदेश के लोगों के आक्रोश को नजर अंदाज कर रही है तो यह बड़े दुर्भाग्य की बात है, हालांकि यह प्रदेश से कांग्रेस को खत्म करने के लिए काफी है।
सवाल: रीट लेवल-2 परीक्षा रद्द करना सरकार का अच्छा कदम है?
भाजपा के आंदोलन से सरकार बैकफुट पर है, विरोध को देखते हुए और नैतिकता के आधार पर सरकार ने रीट की परीक्षा रद्द की है। सरकार ने पेपर लीक की जांच एसओजी को बड़ी गुनहगारों को बचाने और छोटों को फंसाने के लिए दी है। भाजपा प्रदेश के युवाओं के साथ है, उन पर हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रही है।
सवाल: किसान कर्ज माफी को लेकर क्या कहेंगे?
विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्ज माफी की बात कही थी, सीएम ने उनकी बात ही नहीं मानी। अब सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि नेशनलाइज्ड बैंक का किसानों पर जो कर्ज है वह पीएम मोदी माफ करें। वे ऐसा क्यों करें, उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही थी। प्रदेश के किसानों के वोट लेने के लिए कांग्रेस ने झूठ बोला और अब उन्हें गुमराह भी कर रही है। सरकार के सारे झूठ जनता ने पकड़ लिए हैं।
सवाल: धरना, घेराव, गिरफ्तारी और अस्पताल, अब आगे क्या?
इस मुद्दे को भाजपा छोड़ने वाली नहीं हैं। प्रदेश के लाखों युवओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ हम आवाज उठाते रहेंगे। इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार का विरोध किया जाएगा। हम रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं।
विधानसभा में सीएम ने बोला था हमला
सीएम अशोक गहलोत ने मंगलवार को विधानसभा में भाजपा पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा रीट मामले की सीबीआई जांच इसलिए चाहती है कि एक साल तक भर्तियों को रोका जा सके और फिर ये कहे कि सरकार नौकरियां नहीं दे पाई। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा नहीं होने देगी, जल्द ही 62 हजार लोगों को नौकरी दी जाएगी। इसे कोई रोकने वाला नहीं हैं। उन्होंने साफतौर पर कह दिया कि रीट मामले की जांच सीबीआई को नहीं दी जाएगी।