राजसमंद में जन आक्रोश महाघेराव में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा, मेवाड़ में भगवा नहीं लगेगा, तो कहां लगेगा गहलोत सरकार बताए। जोशी ने कहा, भैरों सिंह शेखावत ने साल 1991 में राजसमंद को जिले का दर्जा दिया। राजस्थान सरकार के खिलाफ जनाक्रोश है। बीजेपी ने जनता की समस्याओं को सुनने और जानने के लिए प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में जन आक्रोश यात्रा और सम्मेलन किया है। जोशी ने राजसमंद की वीर धरा पर जनाक्रोश यात्रा में हजारों की संख्या में आए किसान, युवा और माता-बहनों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा, राजसमंद और राजस्थान की जनता को जब तक न्याय नहीं मिलेगा, बीजेपी चैन से नहीं सोएगी और राजस्थान सरकार को भी नहीं सोने देगी।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, राजस्थान पन्ना धाय और पद्मावती का गौरवशाली इतिहास वाला प्रदेश है। लेकिन आज अखबार और टीवी पर अबोध बालिका और महिलाओं के साथ दुराचार, पति के सामने दुष्कर्म और अस्पताल में बलात्कार की घटनाएं देखनों को मिलती हैं। महिलाएं और बच्चियां न ही घर में और न ही बाहर सुरक्षित हैं। महिलाओं में अत्याचार और दुराचार को लेकर आक्रोश है। गहलोत सरकार बहन-बेटियों की रक्षा नहीं कर सकती, तो कुर्सी छोड़ दे।
बीजेपी शासन आएगा, तो अपराधियों को ढूंढ-ढूंढ कर सजा दिलाएंगे...
जोशी ने कहा, बीजेपी का शासन आएगा, तो अपराधियों को ढूंढ-ढूंढ कर सजा दिलाने का काम बीजेपी की सरकार करेगी। बजरी माफिया द्वारा राजसमंद के युवा को ट्रैक्टर से कुचल कर मार दिया जाता है। भरतपुर में श्री कृष्ण भगवान की क्रीडा स्थली पर एक संत को कई दिनों तक आंदोलन चलाना पड़ता है और आमरण अनशन पर बैठना पड़ता है। उसके बावजूद भी सरकार नहीं सुनती तो उसे संत को आत्मदाह करना पड़ता है। पुजारी को जिंदा जला दिया जाता है। सरेआम गैंगवार हो रहा है और बदमाश किसी को भी गोली मार कर चले जाते हैं।
'क्या राजस्थान की सरकार इतनी नकारा है कि सीनियर वकील नहीं कर पाई'
जोशी ने कहा, साल 2008 में हुए जयपुर बम ब्लास्ट में 71 लोगों की जान गई। आंतकवादी इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े थे और रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील खड़े करते हैं। क्या राजस्थान की सरकार इतनी नकारा है, जो 71 लोगों की जान लेने वालों के खिलाफ कोर्ट में पैरवी के लिए सीनियर वकील खड़ा नहीं कर पाई। गहलोत सरकार अपनी कुर्सी को बचाने के लिए कपिल सिब्बल जैसे बड़े वकील खड़े कर सकती है, तो आखिर क्या कारण है कि सुप्रीम कोर्ट का एक भी सीनियर वकील जयपुर बम ब्लास्ट कांड के लिए यह सरकार नहीं कर पाई, किसका दबाव था?
'गहलोत राज में मेवाड़ में ही भगवा के लिए रोक लगा रहे'
जोशी ने कहा, हिंदुस्तान में अगर सबसे अधिक भगवा के लिए लड़ाई हुई है, तो वो मेवाड़ में हुई है। अब गहलोत राज में मेवाड़ में ही भगवा के लिए रोक लगा रहे हैं। मेवाड़ के प्रतीक कुंभलगढ़ किला पर भगवा ध्वज फहराया करता था। अब ध्वज फहराने के लिए भी गहलोत साहब से अनुमति लेनी पड़ेगी। जोशी ने कहा कि कांग्रेस विधायक कलेक्ट्री में आते हैं, तो सभी दरवाजे खुले हुए हैं और बीजेपी के पदाधिकारी-कार्यकर्ता जनहित की समस्या को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दें, तो बेरिकेड्स लग जाएंगे और उन पर पानी बरसाया जाता है। राजसमंद जिले के आमेट तहसील में एक लड़के ने भू-माफ़िया को रेत ले जाने से मना किया, तो उसकी हत्या कर दी गई और FIR तक दर्ज नहीं की गई।
जनआक्रोश महाघेराव में प्रदेश महामंत्री और राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने कहा, प्रदेश में गहलोत अपनी सरकार के चार साल में सिर्फ़ कुर्सी-कुर्सी का खेल खेलते रहे। चुनावी साल में घोषणाएं कर दी गईं, जो कभी पूरी होने वाली नहीं हैं। सभी काम आने वाली बीजेपी सरकार में होंगे। गहलोत सरकार ने तो सिर्फ केंद्र से आए फंड को राज्य सरकार का बताकर ही काम किया है, लेकिन जनता सब जानती है। किसका पैसा कौन सी योजना में आ रहा है? गहलोत सरकार क्या कर रही है, उसका हिसाब-किताब आने वाले चुनावों में जनता देगी।
कलेक्टर को ज्ञापन देने गए बीजेपी नेताओं पर पानी की बौछार...
जनसभा को राजसमंद जिला अध्यक्ष मान सिंह बारहठ, विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ और दीप्ति माहेश्वरी सहित अन्य ने भी संबोधित किया। महाघेराव जनसभा के बाद प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश महामंत्री और सांसद दीया कुमारी, संभाग प्रभारी हेमराज मीणा, जिला संगठन प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान, विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ और जिला प्रमुख रतनी देवी जाट समेत अन्य बीजेपी पदाधिकारी नेतृत्व में पुराने बस स्टैंड से कलेक्ट्री तक पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन देने गए। लेकिन बेरिकेड्स और पानी की बौछार सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर चालू कर दी गई, जिससे बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों और महिलाओं को चोट लगी और खून बहने लगा। जिला मंत्री महेंद्र सिंह चौहान के हाथ में भी चोट आई है।