प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से बिगड़े हालात।
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राजस्थान के कई जिलों में आई बाढ़ ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया है। प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों से निकालकर लोगों को शेल्टर होम में रखा है। जहां उनके खाने-पीने सहित अन्य चीजों की व्यवस्था की जा रही है। कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर में सबसे ज्यादा हालात खराब हैं। इन जिलों में कई गांव ऐसे हैं जो पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं। हालात यह हैं कि घरों की छत तक पानी भरा हुआ है।
इधर, मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। आने वाले तीन दिन तक प्रदेश में मौसम विभाग ने कहीं भी तेज बारिश अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, इस दौरान जयपुर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, बारां, सीकर और कोटा में हल्की बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। तेज बारसात नहीं होने से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों को राहत मिलेगी।
मौसम विभाग के अनुसार अब राजस्थान की तरफ बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिमी पाकिस्तान की ओर शिफ्ट गया है। इससे 29 अगस्त तक प्रदेश में कहीं भी बरसात के आसार नहीं हैं। इसके बाद पूर्वी राजस्थान में बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि दो सप्ताह के बाद मानसून कमजोर हो जाएगा। ऐसे में बारिश न के बराबर ही होगी।