राजस्थान के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों में नए कुलगुरुओं की नियुक्ति कर दी गई है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने गुरुवार देर रात इस संबंध में आदेश जारी किए। नियुक्तियां राज्य सरकार के परामर्श से की गई हैं।
आदेश के मुताबिक, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर में डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय सीकर में डॉ. युद्धवीर सिंह और महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर में प्रो. नरसी राम विश्नोई को कुलगुरु बनाया गया है।
राजस्थान यूनिवर्सिटी की नियुक्ति सबसे ज्यादा चर्चा में
तीनों नियुक्तियों में राजस्थान विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत की नियुक्ति खास चर्चा में है। सारस्वत फिलहाल कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु हैं। इससे पहले वे भाजपा अजमेर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान उनका नाम पार्टी के संभावित दावेदारों में भी सामने आया था। अब उन्हें प्रदेश के सबसे प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल राजस्थान विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान विश्वविद्यालय में कुलगुरु के तौर पर सारस्वत के सामने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को संभालने की जिम्मेदारी होगी।
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सीकर और बीकानेर विश्वविद्यालय को भी नया नेतृत्व
पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में डॉ. युद्धवीर सिंह की नियुक्ति की गई है। वहीं महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर की कमान प्रो. नरसी राम विश्नोई को सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के साथ तीनों विश्वविद्यालयों में कुलगुरु पद को लेकर चल रही प्रक्रिया पूरी हो गई है। नए कुलगुरुओं के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज आगे बढ़ेगा।
तीन साल या 70 वर्ष की उम्र तक रहेगा कार्यकाल
राज्यपाल सचिवालय के आदेश के अनुसार, तीनों कुलगुरुओं का कार्यकाल पदभार संभालने की तारीख से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगा। दोनों में से जो अवधि पहले पूरी होगी, उसी के आधार पर कार्यकाल समाप्त होगा।