राजस्थान में 13184 पदों पर सफाई कर्मियों की भर्ती स्थगित
- फोटो : फाइल फोटो।
राजस्थान में चुनावी साल में सरकार ने जोर शोर से निकाली सफाई कर्मचारियों की भर्ती स्थगित कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। भर्ती के लिए हालांकि अभी आवेदन भी शुरू नहीं हुए थे, लेकिन इसका विरोध शुरू हो गया था। वाल्मीकि समाज ने भर्ती में आरक्षण का विरोध किया था। वाल्मीकि समाज को ही प्राथमिकता से सफाईकर्मियों की भर्ती में शामिल करने की मांग की थी। साथ ही सफाईकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर सरकार को चिन्ता में डाल दिया था। भारी विरोध के बाद सरकार को भर्ती स्थगित करनी पड़ी है।
चुनावी साल में दबाव में आई सरकार, आरक्षण संवैधानिक बाध्यता
वाल्मीकी समाज के दबाव के कारण चुनावी साल में सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। लेकिन इससे 13 हजार 184 लोगों के रोजगार की उम्मीदों पर भी फिलहाल पानी फिर गया है। चूंकि आरक्षण संवैधानिक बाध्यता है। बिना आरक्षण कोई भी सरकारी भर्ती निकाली नहीं जा सकती है। लेकिन फिर भी एक समाज विशेष के विरोध के कारण सरकार ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। सरकार को यह भी डर है कि चुनावी साल में कहीं वाल्मीकि समाज का विरोध भारी नहीं पड़ जाए। कार्य बहिष्कार होने से सफाई व्यवस्था चौपट हो सकती है और जनता में सरकार के प्रति आक्रोश पनप सकता है। माना जा रहा है अब संविदा आधार पर लगे सफाईकर्मियों और टेंडर फर्म के साथ निकायों के मौजूदा सफाईकर्मी ही सेवाएं देंगे। समस्या का हल नहीं निकल पाने तक भविष्य में सरकार नियमित भर्ती की जगह संविदा आधार पर और निजी फर्मों के आधार पर ही सफाई व्यवस्था करवाएगी।
स्वायत्त शासन निदेशालय के निदेशक ने निकाले स्थगन आदेश
स्वायत्त शासन निदेशालय के निदेशक ह्रदेश कुमार ने बुधवार देर शाम आदेश जारी कर सफाईकर्मी भर्ती की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। लेकिन आदेश में भर्ती स्थगित करने का कारण स्पष्ट नहीं किए है, सूत्रों के मुताबिक वाल्मीकि समाज के भारी विरोध और राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल इसकी मुख्य वजह है।
ऑनलाइन आवेदन 15 मई से 16 जून तक मांगे गए थे
सफाई कर्मचारियों के पदों पर भर्ती के लिए 15 मई से 16 जून 2023 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। आवेदन मिलने के बाद इनकी स्क्रूटनी करके इंटरव्यू लिया जाना था। यह डायरेक्ट साक्षात्कार के आधार पर होने वाली भर्ती थी। जिसमें अनुभव का भी लाभ दिया जाता। प्रत्येक निकाय स्तर पर कमेटी बनाकर आवेदकों के इंटरव्यू करवाने थे। इससे पहले साल 2018 में सफाई कर्माचारियों की भर्ती लॉटरी के जरिए निकाली गई थी। आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद योग्य अभ्यर्थियों के आवेदन से लॉटरी निकालकर सफल आवेदकों को जॉइनिंग दी गई थी।
आरक्षण मांगने वाले ही आरक्षण के विरोध में उतरे
वाल्मीकि-दलित समाज के लोग अन्य सभी भर्तियों में आरक्षण की पुरजोर मांग करते आए हैं। लेकिन सफाईकर्मियों की भर्ती में आरक्षण का ही विरोध कर रहे हैं। वाल्मीकि समाज को भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग कही जा रही है, लेकिन प्राथमिकता आरक्षण प्रावधानों से हटकर किस तरह दी जा सकती है यह समझ से परे है। विरोध करने वाले भी इस बात को अच्छे से जानते हैं। लेकिन चुनावी साल में सरकार पर प्रेशर क्रिएट कर भर्ती करवाना चाहते हैं। सफाई नहीं करना, कार्य बहिष्कार करना, सरकार को वोट बैंक का डर दिखाना इसी मकसद से किया जा रहा है। पिछले दिनों जयपुर में संयुक्त वाल्मीकि समाज ने सरकार को चेतावनी भी दी थी कि इसमें एसटी, ओबीसी या दूसरे वर्ग के लिए पदों का आरक्षण नहीं किया जाए। इसीलिए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया ही स्थगित कर दी है। जिससे बहुत से लोगों के सरकारी नौकरी लगने की उम्मीदें फिलहाल के लिए अटक गई हैं।