उन्होंने कहा कि यहां 117 मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र बनाया गया है। पहले शेरगांव के मतदाताओं को वोट देने के लिए दूरदराज के एक और उतरज गांव में स्थित मतदान केंद्र तक जाना होता था। इस बार, उतरज गांव में 238 मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र बनाया जाएगा।
राजस्थान के आबू-पिंडवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के शेरगांव के मतदाता पहली बार अपने ही गांव में मतदान कर पाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सुगम एवं समावेशी मतदान के लिए चुनाव आयोग ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, दूरस्थ एवं विरल आबादी वाले क्षेत्रों में भी मतदान केंद्र स्थापित करने की व्यवस्था की है।
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गुप्ता ने बताया कि सिरोही जिले का आबू-पिंडवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में शेरगांव 4,921 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। उन्होंने कहा, वन रक्षकों की मदद से मतदान दल इस मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए घने जंगल में लगभग 18 किलोमीटर तक पैदल चलेगा।
उतरज गांव में 238 मतदाताओं को राहत
उन्होंने कहा कि यहां 117 मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र बनाया गया है। पहले शेरगांव के मतदाताओं को वोट देने के लिए दूरदराज के एक और उतरज गांव में स्थित मतदान केंद्र तक जाना होता था। इस बार, उतरज गांव में 238 मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र बनाया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित बाड़मेर के पार गांव में महज 35 मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र बनाया जा रहा है। बाड़मेर जिले के ही एक अन्य गांव मंझोली में 49 मतदाताओं के लिए पहली बार मतदान केंद्र बनाया जा रहा है। इस बार इस गांव के मतदाताओं को वोट देने के लिए पांच किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा।