आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने यूसीसी को सभी धर्मों और संप्रदायों की आस्था की सुरक्षा करने वाला कानून बताया। उन्होंने कहा कि किसी धर्म या संप्रदाय पर अत्याचार नहीं होना चाहिए। साथ ही, यूसीसी को लेकर भ्रम फैलाने से बचने की अपील की।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि यूसीसी हर धर्म, उसके उप-संप्रदायों और उनकी सभी शाखाओं की सुरक्षा के लिए कानून है। अगर कोई किसी धर्म या उसके किसी संप्रदाय की आस्था को नुकसान पहुंचाता है तो यूसीसी उनकी रक्षा करेगा।
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उन्होंने कहा कि मान लीजिए सुन्नी, शियाओं पर अत्याचार करते हैं, या सनातन परंपरा और आर्य समाज के बीच मतभेद पैदा हो जाता है, या अलग-अलग सिख संप्रदायों के बीच विवाद होता है। सभी को अपने-अपने धर्म और मान्यताओं का पालन करना चाहिए। किसी को भी दूसरे पर अत्याचार करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। सभी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और साथ आना चाहिए।
इसलिए जो लोग यह भ्रम पैदा करते हैं कि यूसीसी मुसलमानों के लिए खतरनाक होगा, उन्हें यह सवाल पूछना चाहिए कि ईसाई इसे खतरनाक क्यों नहीं मानेंगे? जैन, बौद्ध, आर्य समाजी, सनातनी या रविदासी इसे खतरनाक क्यों नहीं मानेंगे? बौद्धों को यह क्यों नहीं लगेगा कि यह उनके लिए खतरनाक है?
किसी एक धर्म को अलग करके यह कहना कि यूसीसी उसके लिए खतरनाक है, देश को बांटने और समाज में टकराव पैदा करने की साजिश है। मैं राजनेताओं, कट्टरपंथियों और सांप्रदायिक तत्वों से आग्रह करूंगा कि वे यूसीसी के नाम पर भ्रम न फैलाएं और उसका इस्तेमाल समाज को बांटने तथा टकराव पैदा करने के लिए न करें।