Rajasthan: राजस्थान के कांग्रेस में लगी सियासी आग से रुक-रुक कर चिंगारी भड़क रही है। आए दिन कोई न कोई विधायक या मंत्री बयान देकर सियासी आग को भड़का रहा है। अब यह काम ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने किया है। गुढ़ा बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों में से मंत्री बनाए गए थे। उदयपुरवाटी के एक कार्यक्रम में गुढ़ा ने गहलोत गुट पर तो हमला बोला ही, साथ ही कांग्रेस आलाकमान पर भी सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा, अभिमन्यु के साथ छल करके घेरकर मारा गया था। वैसा ही छल सचिन पायलट के साथ किया गया है।
मंत्री गुढ़ा ने कहा पायलट के साथ बहुत बड़ा षडयंत्र किया गया। कुछ नकली लोगों को अंदर घुसाकर उन्हें घाघ लोगों को छवि खराब करने का जिम्मेदारी दी गई। बड़े बड़े नेताओं ने पायलट के खिलाफ षडयंत्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्य सतेचक की बात नहीं मामने पर विधायक की सदस्यता चली जाती है। ऐसा करने का जिनके पास अधिकार है उन्होंने सचिन पायलट के साथ छल किया।
राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि पहली बार दिल्ली से आने वाले लोगों के खिलाफ बगावत हुई है। सचिन पायलट करें तो बगावत और ये (गहलोत गुट) करें तो वफादारी, यह क्या बात हुई। उन्होंने कहा, मानेसर जाने वाले पांच लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री क्यों नहीं रह सकते। यह दोगला नियम है। सरकार के मुख्य पोस्ट बैठे लोगों की गालियां सुनने के बाद भी पायलट साहब ने धैर्य नहीं खोया। वह आदमी सारी बातों को पी गया, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।
मंत्री ने कहा, जो विधायक सचिन पायलट के साथ दिल्ली गए वापस आकर वह दूसरे खेमे में घुस गए। उनके साथ के पांच लोगों को मंत्री बनाया गया, अब वह जिस प्रकार की भाषा प्रयोग उनके खिलाफ कर रहे हैं, वह गलत है। ऐसा हुआ तो मैं अपने आप को रोक नहीं पाया, मैंने कहा कि यह गलत है। 2018 के विधानसभा चुनाव में पायलट ने लाइन में खडे़ कुछ लोगों को टिकट दिया था। उनके समर्थकों ने उन्हें चुनाव भी जितवाया। पायलट के नाम से वोट लेने वालों ने बाद में उनके साथ ही छल किया है। मैंने सचिन पायलट को इसे लेकर आगाह भी किया था, लेकिन उनके अंदर बेइमानी और कपट नहीं है इसलिए वह समझ नहीं पाए।