Rajasthan Politics: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने की घोषणा करने के बाद नए सीएम को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, शुरुआत में सामने आया है कि गहलोत दोनों पद पर बने रह सकते हैं। ऐसी उन्होंने इच्छा भी जताई थी, लेकिन बाद में मना कर दिया। इसी बीच भारत जोड़ो यात्रा कर रहे राहुल गांधी ने संकेत दिए कि एक पद पर एक व्यक्ति ही रहेगा। उन्होंने उदयपुर में कांग्रेस अधिवेशन में किए गए फैसले का हावाला दिया। इस दौरान सचिन पायलट ने भी राहुल गांधी से मुलाकात की, इसके बाद से वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार बन गए।
इस बीच यह भी सामने आया कि अशोक गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष और अनुभवी नेता सीपी जोशी का नाम आलाकमान को मुख्यमंत्री पद के लिए सुझाया। कहा गया कि गहलोत पायलट के सीएम बनने के खिलाफ हैं। उधर, राहुल गांधी से संकेत मिलने के बाद सचिन पायलट राजस्थान में सक्रिय हुए और विधायकों से मिलना शुरू कर दिया। कल यानी शनिवार रात को राजस्थान के नए सीएम पद के उम्मीदवार पर चर्चा करने को लेकर कांग्रेस ने रविवार शाम सात बजे विधायक दल की बैठक बुलाई। विधायकों से चर्चा करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली से राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे को जयपुर भेजा। दोनों नेता रविवार दोपहर को जयपुर पहुंचे। इसके बाद से प्रदेश की राजनीति में अचानक उबाल गया।
गहलोत गुट के विधायक रविवार दोपहर बाद से एक्टिव हो गए। सभी विधायकों को मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर शाम पांच बजे बैठक के लिए बुलाया गया। बताया गया कि इस बैठक में शामिल होने के लिए गहलोत गुट के करीब 60 विधायक पहुंचे थे। उधर, विधायक दल की बैठक के लिए शाम सात बजे का समय तय किया गया, लेकिन गहलोत गुट के विधायक उसमें नहीं पहुंचे। धारीवाल हाउस से निकले विधायक विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के बंगले पर इस्तीफा लेकर पहुंचे। इस दौरान 92 विधायकों के इस्तीफे के एलान की बात सामने आईं।