राजस्थान संकट पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा राजस्थान में सीएम बनने को लेकर रस्साकशी थी। कांग्रेस के घर की लड़ाई सड़क तक आ गई है। शुरू से ही गहलोत और पायलट के बीच मतभेद थे। भाजपा नेता ने कांग्रेस आलाकमान और राजस्थान के नेताओं से कुछ सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा, 'क्या फोन टेपिंग किया गया? क्या आधिकारिक रूप से फोन टेपिंग किया गया?'
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कांग्रेस से पूछा, 'क्या यह एक संवेदनशील और कानूनी विषय नहीं है? क्या फोन टेपिंग मामले में मानक प्रक्रिया एसओपी का पालन कांग्रेस द्वारा किया गया? राजस्थान की जनता जानना चाहती है कि क्या उनकी निजता खतरे में है? क्या राजस्थान की कांग्रेस सरकार खुद को विपरीत परिस्थितियों में पाकर गैर संवैधानिक तरीकों को अपना रही है? क्या कानून को ताक पर रखकर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं? क्या राजस्थान में प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह किसी भी पार्टी से हो, उसका फोन टेपिंग किया जा रहा है?'
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भाजपा नेता ने कहा कि क्या खुद को बचाने के लिए राजस्थान में गैर संवैधानिक कदम उठाए गए? भाजपा ने ऑडियो टेप मामले की सीबीआई जांच की मांग की। पात्रा ने कहा कि ऑडियो टेप को लेकर जो एफआईआर की गई है उसमें तथाकथित शब्द का इस्तेमाल किया गया है। जबकि कांग्रेस नेता बोल रहे हैं कि यह असली है। यदि यह वास्तविक है तो बताइए क्या सभी लोगों के फोन टेप किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए कि क्या वे मुख्यमंत्री के तौर पर फोन टैपिंग में लिप्त हैं। हम इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं, चाहे फोन टैपिंग की गई हो या एसओपी का पालन किया गया हो। क्या राजस्थान में आपातकालीन स्थिति है? क्या सभी राजनीतिक दलों को इसी तरह से निशाना बनाया जा रहा है?'