स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा और आपदा प्रबंधन मंत्री गोविंदराम मेघवाल।
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Rajasthan Political: राजस्थान का सियासी घमासान फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) राजस्थान में हुए सियासी घमासान पर सोनिया गांधी से माफी मांग चुके हैं। इसके बाद भी गहलोत गुट के विधायक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। दो कैबिनेट मंत्रियों ने सरकार गिरने और मध्यावती चुनाव में भी जाने तक के संकेत दे दिए हैं। ऐसे में अगर कांग्रेस आलाकमान मुख्यमंत्री बदलने की कोशिश करता है तो एक बार फिर राजस्थान कांग्रेस में घमासान देखने को मिल सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा ने दौसा में कहा कि अगर मुख्यमंत्री बदला गया तो हम इस्तीफा दे देंगे। इस्तीफा मंजूर करवाकर एक साल पहले विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए हम तैयार हैं। मीणा ने यह बयान कल यानी बुधवार को दिया था। उनके इस बयान का आज शुक्रवार को मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने समर्थन किया है।
जयपुर में मीडिया से बात करते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने मंत्री परसादीलाल के बयान का समर्थन किया। मुख्यमंत्री बदले जाने के सवाल पर मेघवाल ने कहा कि सीएम अशोक गहलोत ही रहेंगे। यही हमारे फायदे में हैं। अशोक गहलोत के नेतृत्व में ही हम 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। विधायक हम हैं तो सीएम कैसे बदलेंगे। सीएम अशोक गहलोत और आलाकमान जो भी फैसला करेंगे, हम उनके साथ हैं।
मंत्री महेश जोशी ने कहा कि हम अपनी मांगों पर कायम हैं। हमने तीन मांगें कांग्रेस आलाकमान के सामने रखीं हैं। अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद सीएम पद से इस्तीफा दें। मानेसर जाने वाले विधायकों में से किसी को भी मुख्यमंत्री न बनाया जाए। नया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सहमति के बाद ही बनाया जाए। हमारी यह मांगें आलाकमान तक पहुंचा दी जाएं। इसके बाद वह जो भी फैसला करेंगे हम उसके साथ हैं।
गहलोत ने सोनिया गांधी से मांगी माफी
गुरुवार दोपहर को अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की। गहलोत जब सोनिया गांधी से मिलने जा रहे थे तो उनके हाथ में कुछ कागज भी थे। जिसमें से एक को माफीनामा बताया जा रहा है। इस पर लिखा हुआ था कि जो कुछ भी हुआ उसका दुख है, इससे मैं आहत हूं। सोनिया गांधी से करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद सीएम ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा- कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। मैंने हमेशा कांग्रेस में वफादार सिपाही के रूप में काम किया है। विधायक दल की बैठक से पहले जो हुआ उससे मैं आहत हूं। मैं सीएम रहूंगा या नहीं इस पर फैसला हाईकमान करेगा।
कांग्रेस की नेताओं को सख्त सलाह
कांग्रेस पार्टी ने सभी नेताओं को सलाह दी है कि वे किसी भी नेताओं के खिलाफ या पार्टी के आंतरिक मामलों के बारे में सार्वजनिक बयान न दें। अगर इस एडवाइजरी का कोई उल्लंघन किया जाता है तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।