मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित पेंशन अदालत में 13 पेंशनर्स को पेंशन भुगतान आदेश (PPO) प्रदान किए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के विभिन्न जिलों के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के कार्यालयों में मौजूद पेंशनर्स से भी सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
जिलों में भी लगेंगी पेंशन अदालतें
मुख्य सचिव ने कहा कि पेंशनर्स की समस्याओं का समय पर समाधान सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में अब जिलों में भी पेंशन अदालतें आयोजित की जाएंगी। पेंशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल PPO जारी करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य का पेंशन सिस्टम देश के बेहतर पेंशन सिस्टम में शामिल है। सरकार पेंशनर्स के अधिकारों और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
बड़े अस्पतालों में अलग OPD काउंटर
मुख्य सचिव ने आरजीएचएस योजना के तहत बड़े अस्पतालों में पेंशनर्स की सुविधा के लिए अलग OPD काउंटर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में OPD का दबाव अधिक है, वहां अलग काउंटर होने से पेंशनर्स को पंजीकरण और दूसरी प्रक्रियाओं के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
पेंशनर्स के अनुभव का भी लिया जाए लाभ
मुख्य सचिव ने पेंशनर्स एसोसिएशन बनाने का सुझाव दिया, ताकि सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के लंबे प्रशासनिक अनुभव का उपयोग किया जा सके। उन्होंने वर्तमान अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अनुभव साझा करने के लिए एक्सपीरियंस सत्र आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
पेंशन अदालत में शामिल पेंशनर्स ने राज्य सरकार के ऑनलाइन और पारदर्शी पेंशन पोर्टल की सराहना की। उन्होंने आरजीएचएस के जरिए मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी आभार जताया।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग में पेंशन अदालत का नवाचार शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पेंशन मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है और बचे हुए मामलों को भी जल्द पूरा किया जाएगा।
कार्यक्रम में शासन सचिव कार्मिक अर्चना सिंह, शासन सचिव वित्त (व्यय) शिवांगी स्वर्णकार, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, पेंशन निदेशक महेंद्र सिंह भूकर, निदेशक अराजपत्रित राकेश शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनर्स मौजूद रहे।