आरोपी पार्षद और ठेकेदारों को ले जाती एसीबी की टीम।
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राजस्थान के अमजेर में रिश्वत लेते पकड़े गए मंत्री के करीबी पार्षद को एसीबी कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया है। उसके साथ पकड़े गए दो ठेकेदारों को भी रिमांड पर भेजा गया है। ये दोनों ठेकेदार पार्षद नरेंद्र मीणा के लिए घूस के रुपए लेने का काम करते थे।
गुरुवार को मंत्री टीकाराम जूली के करीबी पार्षद नरेंद्र मीणा, ठेकेदार रमेश गुप्ता और संजीव भार्गव को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पांच लाख 15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि दोनों ठेकेदार नरेंद्र मीणा के लिए पैसे कलेक्शन का काम करते थे। नरेंद्र मीणा ठेकेदारों को काम दिलवाने के बदले राशि लेता था।
आरोपी पार्षद काम की तय रकम में से पांच फीसदी राशि लेता था। रिश्वत का ढाई फीसदी टेंडर प्रक्रिया के दौरान और ढाई प्रतिशत वर्क ऑर्डर दिलवाने के समय वसूलता था। एसीबी की टीम ने तीनों आरोपियों को शुक्रवार को अलवर की एसीबी कोर्ट में पेश किया। पूछताछ के लिए समय मांगने पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 21 फरवरी तक एसीबी की रिमांड पर भेज दिया है।
मंत्री का कामकाज संभालता है मीणा
एसीबी टीम ने दोनों ठेकेदार और नरेंद्र मीणा के घर की तलाशी भी ली है। बैंक खातों के दस्तावेज, फोन और लैपटॉप की जांच भी की जा रही है। यह मामला इसलिए भी बड़ा है क्योंकि आरोपी नरेंद्र मीणा मंत्री टीकाराम जूली का करीबी है। मंत्री और पार्षद एक ही सोसाइटी में रहते हैं। मंत्री का पूरा कामकाज नरेंद्र मीणा ही संभालता है। ऐसे में मंत्री पर भी कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। हालांकि, इस मामले पर कांग्रेस नेता अभी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।