राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई और 27 अन्य घायल हो गए। यह हादसा शुक्रवार सुबह पिपलोडी सरकारी स्कूल में हुआ, जहां कक्षा 6 और 7 का हिस्सा अचानक टूट गया। मरने वाले सबसे छोटे बच्चे की उम्र केवल छह साल थी। कई बच्चे मलबे में दब गए, जिन्हें तुरंत बचाने के लिए स्थानीय लोग, शिक्षक और माता-पिता जुट गए।
हादसे के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सीधे मनोहर थाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने घायलों के परिजनों से बातचीत कर उन्हें ढांढ़स बंधाया और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। शिक्षा मंत्री ने हादसे में मृत बच्चों के परिजनों को दस लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। साथ ही नए स्कूल भवन के कमरों का नाम हादसे में मृत बच्चों के नाम पर रखने की बात कही।
हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के साथ सहानुभूति जताई और कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ है। शिक्षा मंत्री ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि बच्चों के इलाज में कोई कमी न रहे, उन्हें सभी आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
ये भी पढ़ें:- Rajasthan News: जैसलमेर में बिना भवन के चल रहे हैं 25 स्कूल, 500 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में मरम्मत की दरकार
इस दौरान शिक्षा मंत्री के साथ शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल, समग्र शिक्षा राज्य परियोजना निदेशक डॉ. अनुपमा जोरवाल मौजूद थे। पत्रकारों द्वारा हादसे के जिम्मेदारों के बारे में पूछने पर दिलावर ने कहा कि इस समय मैं शिक्षामंत्री हूं तो इसकी जिम्मेदारी भी मैं ही लेता हूं। हम हादसे की विस्तृत जांच करवाएंगे। गौरतलब है कि प्रारंभिक लापरवाही के आधार पर पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
हादसे के बाद राहुल ने सरकार पर साधा निशाना
हादसे के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर चिंता जताई। साथ ही कहा कि कई मासूम बच्चों की जान गई और कई घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने स्कूलों की खराब हालत की शिकायतों को नजरअंदाज किया, जिस वजह से यह हादसा हुआ। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
खरगे ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस हादसे को लेकर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दर्दनाक और शर्मनाक घटना है। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों की छतें तक ठीक नहीं कर पा रही, लेकिन 'विकसित भारत' का बड़ा-बड़ा सपना दिखाती है। उन्होंने दिल्ली और जोधपुर के अन्य स्कूलों की हालत का भी जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित पढ़ाई के हालात नहीं हैं।