बालोतरा के केपटाउन रिसोर्ट में 24 फरवरी को स्टाफ पर हमला करने वाले युवक का शव दो दिन बाद रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध हालत में शव मिला। मृतक के परिजनों ने सोमवार देर शाम नाहटा अस्पताल की मोर्चरी में हंगामा कर दिया। उन्होंने रिसोर्ट संचालक और स्टाफ पर युवक नरेश की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मोर्चरी पहुंचे मृतक के परिजनों और वाल्मीकि समाज के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन द्वारा कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही परिजन शांत हुए।
जानकारी के अनुसार नाकोड़ा रोड पर संचालित केपटाउन रिसोर्ट में 24 फरवरी की शाम करीब 6:00 बजे उड़ीसा निवासी कुक अक्षय कुमार और हेल्पर नरेश पुत्र किस्तुरा राम निवासी जालौर में विवाद हो गया। नरेश ने अक्षय पर चाकू से हमला कर दिया, इससे वह गंभीर घायल हो गया। घायल अक्षय को जोधपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
28 फरवरी सोमवार को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इस बीच घटना के बाद फरार युवक नरेश कुमार घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने केपटाउन रिसोर्ट पहुंचकर संचालक पर गंभीर आरोप लगाए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक की तलाश का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराकर वापस भेजा।
26 फरवरी की शाम को खेड गांव में रेलवे ट्रैक पर नरेश का शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। ट्रेन की चपेट में आने से युवक का चहेरा बुरी तरह बिगड़ गया था, इससे उसकी पहचान नहीं हो पाई। सोमवार को पहचान होने के बाद मृतक के परिजन और रिश्तेदार बालोतरा पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया।