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Rajasthan: नकल करने पर एक करोड़ का जुर्माना और दस साल तक की जेल, गहलोत सरकार ने पेश किया विधेयक 

Fri, 25 Feb 2022 11:29 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार


Rajasthan news Ashok gehlot government rajasthan public examination bill 2022 placed in vidhan sabha



रीट पेपर लीक मामले के बाद सरकार इस तरह की घटनाओं को लेकर सख्त हो गई। नकल रोकने के लिए आशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा में एक विधेयक पेश किया है। इसमें नकल या पेपर लीक जैसी घटना का दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रवधान किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राजस्थान में परीक्षाओं में होने वाली नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर गहलोत सरकार सख्त नजर आ रही है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार विधानसभा में एक विधेयक लेकर आई है। इस विधेयक में नकल, पेपर लीक प्रकरण के दोषी को तीन से 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है, साथ ही 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान भी है।  
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उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेंद्र यादव ने परिक्षाओं में अनुचित सामाग्री का उपयोग, पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं को रोकने के लिए राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा ( भर्ती में अनुचित साधनों की रोक धाम) विधेयक 2022 को सदन के पटल पर पेश किया है। ये 1992 के कानून का स्थान लेगा। संशोधित कानून के दायरे में आरपीएससी, हाईकोट, कर्मचारी चयन बोर्ड, विश्वविद्यालय, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, पुलिस भर्ती और सार्वजानिक उपक्रम बोर्ड सहित राज्य में होने वाली सभी परीक्षाएं शामिल होंगी। इसके लागू होने के बाद परीक्षार्थी और परीक्षा से जुड़े लोगों को ही परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति दी जाएगी। 

जुर्माना नहीं भरा तो बढ़ जाएगी सजा 
नकल पर तीन साल सजा के साथ एक लाख जुर्माना नहीं भरने पर नौ महीने की अतरिक्त सजा दी जाएगी। परीक्षार्थी या किसी अन्य के अनुचित साधन का उपयोग पर पांच से दस साल की सजा के साथ एक लाख से 10 करोड़ का जुर्माने भरना होगा। जुर्माना नहीं देने पर दो साल कैद की सजा और बढ़ा दी जाएगी।  
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गैर जमानती अपराध 
सरकार ने नकल करना या कराने में साधनों का उपयोग, कुंजी, पेपर, पेपर लीक या किसी गेजट का उपयोग करने को अपराध माना है। इस तरह की किसी भी मामले की जांच एडिशनल एसपी से ऊपर के अधिकारी करेंगे। मामले की सुनवाई डीजे कोर्ट में होगी। जरूरत पड़ने पर अधिकारी आरोपी की संपत्ति नीलाम या कुर्क भी कर सकेंगे। इस तरह के अपराध को गैर जमानती माना गया है।
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