राज्यसभा चुनाव और राजस्थान सरकार पर 2020 में आए संकट को लेकर विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में एक प्रत्याशी को वोट देने के बदले उन्हें 25 करोड़ रुपये ऑफर किए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि, कांग्रेस सरकार पर आए संकट के दौरान उन्हें 60 करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई थी। हालांकि, गुढ़ा ने किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया, जिसने उन्हें यह ऑफर दिए थे। बता दें कि राजेंद्र गुढ़ा प्रदेश कांग्रेस सरकार में सैनिक कल्याण राज्य मंत्री हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से विधायक बनने के बाद उन्होंने 2019 में कांग्रेस का हाथ थाम लिया था।
दरअसल, मंत्री गुढ़ा सोमवार को प्रदेश के झुंझुनूं जिले में एक निजी स्कूल के एक कार्यक्रम में छात्र-छात्रओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान एक छात्रा ने उनसे सवाल करते हुए पूछा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगाया जा सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा, पिछले राज्यसभा चुनाव में एक व्यक्ति को वोट देने के लिए मेरे पास 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव था।
इस बारे में मैंने अपनी पत्नी से पूछा तो उन्होंने कहा, हम इज्जत चाहते हैं, पैसा नहीं। इस दौरान मंत्री ने यह भी कहा, 2020 में जब प्रदेश सरकार को लेकर राजनीतिक उठा पटक चल रही थी, तब मेरे पास 60 करोड़ रुपये का ऑफर था। इसे लेकर भी मैंने अपने परिवार से बात की थी। तब भी मेरी पत्नी, बेटे और बेटी ने कहा था कि उन्हें पैसा नहीं, इज्जत चाहिए। मंत्री गुढ़ा ने कहा कि आपके साथ रहने वाले लोग ऐसा सोचेंगे तो सब ठीक हो जाएगा।
छह विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए थे गुढ़ा
बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर छह विधायक जीते थे। राजेंद्र गुढ़ा उन छह विधायकों में शामिल हैं। साल 2019 में बसपा के सभी छह विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे। तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट जुलाई 2020 में पार्टी के 18 अन्य विधायकों के साथ राजस्थान छोड़कर चले गए थे। इसके बाद कांग्रेस में सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दो अलग-अलग गुट हो गए थे। इस दौरान गुढ़ा गहलोत के खेमे में शामिल थे। नवंबर 2021 में में उन्हें इसका इनाम भी मिला। कैबिनेट विस्तार के दौरान गहलोत ने गुढ़ा को सैनिक कल्याण राज्य मंत्री बनाया था।
सीएम गहलोत भी याद करते रहते हैं पायलट की बगावत
इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कई बार सचिन पायलट की बगावत को याद कर चुके हैं। उन्होंने कई बार भाजपा पर विधायकों को करोड़ों रुपये का ऑफर देकर सरकार गिराने की कोशिश करने के आरोप भी लगाए हैं। इसे लेकर वह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर भी हमला बोलते रहते हैं।
कारोबारी चंद्रा को मिली थी हार
जून 2022 में राजस्थान से राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव था। भाजपा ने घनश्याम तिवाड़ी को उम्मीदवार घोषित किया था। इसके अलावा कारोबारी सुभाष चंद्रा निर्दलीय उम्मीदवार बनकर चुनाव मैदान में उतरे थे। भाजपा ने उन्हें समर्थन देने का एलान किया था। हालांकि, चुनाव में धनश्याम तिवाड़ी और कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों की जीत हुई थी। चंद्रा को हार का सामना करना पड़ा था।