भाजपा कार्यालय की बढ़ाई गई थी
इधर, रविवार शाम को भाजपा प्रदेश कार्यालय में हलचल तेज हो गई थी। वहां की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी। डॉग स्क्वायड की टीम भी पहुंची थी। ऐसे में कयास लगाए गए कि पार्टी की ओर से तय किए गए तीनों पर्यवेक्षक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विनोद तावडे और सरोज पांडेय देर शाम जयपुर पहुंच सकते हैं। रात में विधायकों के साथ बैठक की बात भी सामने आई थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।
इसलिए टली बैठक
दूसरी तरफ चर्चा ये भी थी कि रविवार को विधायकों के साथ होने वाली पर्यवेक्षकों की बैठक टल गई है। ऐसा इसलिए कहा गया था क्योंकि, सोमवार और मंगलवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु लखनऊ में रहेंगी। ऐसे में लखनऊ के सांसद होने के नाते राजनाथ सिंह की मौजूदगी राष्ट्रपति के कार्यक्रम में भी प्रस्तावित थी। देर रात ये साफ हो गया कि राष्ट्रपति के दौरे के कारण विधायक दल की बैठक टाल दी गई है।
पूर्व विधायक ने राजे को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी की
रविवार को वसुंधरा राजे से मुलाकात करने वालों में पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल का भी नाम है। उन्होंने राजे को मुख्मंत्री बनाने की बात कही। गुंजल ने कहा- राजस्थान के आर्थिक हालात खराब हैं, ऐसे में प्रदेश का मुख्यमंत्री अनुभवी होना चाहिए। राजस्थान में सिर्फ वसुंधरा राजे ही अनुभवी नेता हैं। प्रदेश की जनता भी इस बात को महसूस कर रही है। मैं और प्रदेश की जनता यही चाहती है कि वसुंधरा राजे ही सीएम बननी चाहिए।
जल्द आएगा नया संदेश
रविवार को जयपुर पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जल्द ही एक सकारात्मक और नया संदेश आएगा। पार्टी आलाकमान और राजस्थान के सभी विधायक उचित समय पर निर्णय लेंगे।