डूंगरपुर पुलिस ने जाली नोट छापने के मामले में मास्टरमाइंड रवि कुमार मिश्रा को 1300 किलोमीटर पीछा कर लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को पकड़ा है। प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल और नकली नोट बरामद किए हैं।
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में जाली भारतीय मुद्रा बरामदगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड रवि कुमार मिश्रा को पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। इस मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने जाली नोट बनाने का तरीका सीखने के लिए ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखी थी।
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि 29 सितंबर को रामसागड़ा थाना क्षेत्र के माड़ा स्कूल के मैदान से दो युवकों भावेश खटीक और नयन जोशी को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से 4 लाख 95 हजार 500 रुपये की जाली भारतीय मुद्रा बरामद हुई थी।
पूछताछ में नयन ने बताया कि इंस्टाग्राम के जरिए उसका संपर्क उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी रवि कुमार मिश्रा से हुआ था। रवि ने कूरियर के माध्यम से नकली नोट डूंगरपुर भेजे थे। इसके बाद नयन और भावेश ने रवि को डूंगरपुर बुलाया और शहर की वसुंधरा विहार कॉलोनी में उसके लिए किराए पर मकान दिलाया। पुलिस के अनुसार, यहां तीनों ने मिलकर करीब पांच लाख रुपये की जाली मुद्रा तैयार की थी। हालांकि, पहली ही कोशिश के दौरान नयन और भावेश पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
इसके बाद रवि और आनंद ने जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कागज के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने चीनी कंपनी अलीबाबा के माध्यम से भी नकली नोटों से संबंधित सामग्री हासिल की। आनंद के दोबारा प्रयास में असफल रहने पर उसने मंगवाए गए कागज रवि को दे दिए। पुलिस के अनुसार, रवि ने उन कागजों से जाली नोट तैयार कर आनंद को भेजे। ये नोट बाजार में चल गए और इस संबंध में कोई शिकायत सामने नहीं आई। बाद में आनंद ने रवि से अपने दिए गए कागजों से और जाली नोट बनाने को कहा। रवि ने पार्सल भेजने की बात कही, लेकिन जब आनंद को पैकेट मिला तो उसमें जाली नोटों के बजाय केवल गत्ते थे।
टेलीग्राम चैनलों से जुटाते थे जानकारी
पुलिस ने रवि के मोबाइल फोन की जांच की तो टेलीग्राम पर ‘अंकित पेपर सेलर’ नाम का एक चैनल सामने आया। इसमें आरिफ मोहम्मद की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने कानपुर से आरिफ मोहम्मद को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उसने जाली नोट बनाने के लिए कागज उपलब्ध कराने वाला समूह तैयार करने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान पुलिस को टेलीग्राम पर ‘यूनीक बॉय’ नाम की एक अन्य आईडी का भी पता चला। इसे छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी तरुण मालेकर चला रहा था। आरोप है कि तरुण ने रवि को 500 रुपये के नोटों की पीएसडी फाइलें भेजी थीं।