गहलोत का गुजरात में जनसंपर्क का पहला चरण शुक्रवार से शुरू हो गया है। अब वह 31 अक्टूबर तक गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह कई जगह चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। बता दें कि अशोक गहलोत पांच साल पहले 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रभारी थे। उस दौरान वह राजस्थान के मुख्यमंत्री नहीं थे। चुनाव में गहलोत ने गांव और शहरों में कई दौरे किए थे। इससे कांग्रेस भाजपा को 182 में से 99 सीटों पर रोकने में कामयाब हुई थी। चुनाव में कांग्रेस को 77 सीटें मिलीं जो पिछले दो दशक में पार्टी का सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा था।
गुजरात में लोकसभा की 26 सीटों पर अलग-अलग मंत्रियों-विधायकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला को आणंद, राजस्व मंत्री रामलाल जाट को पाटन, अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद को कच्छ, खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना को बनासकांठा, विधायक राजकुमार शर्मा को सूरत, आरटीडीसी के चैयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ को अहमदाबाद, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना को मेहसाणा, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत को सुरेंद्र नगर, खान मंत्री प्रमोद जैन भाया को राजकोट, गृह राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव को जामनगर, सुखराम विश्नोई को अमरेली, ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी को भावनगर, पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा को पंचमहाल, विधायक अमीन कागजी को अहमदाबाद, जल संसाधन मंत्री महेन्द्रजीत मालवीय को दाहोद, पूर्व मंत्री अर्जुन बामणिया को छोटा उदयपुर, प्रशासनिक सुधार राज्य मंत्री गोविंद राम मेघवाल को भरूच की जिम्मेदारी दी गई है।
राजस्थान भाजपा के नेता भी तैयारियों में जुटे।
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भाजपा चुनाव में भेजेगी हजारों कार्यकर्ता
इधर, भाजपा ने प्रदेश से सटे गुजरात के नौ जिलों अहमदाबाद, गांधी नगर, मोडासा, भुज, साबरकांठा, बनासकांठा, मेहसाना, कच्छ और पाटन की 43 विधानसभा सीटों पर राजस्थान के 100 नेताओं को चुनावी कमान सौंपी है। प्रदेश भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चौधरी, ओमप्रकाश माथुर, सांसद देवजी पटेल, सुशील कटारा सहित अन्य नेताओं को इन सीटों की जिम्मेदारी दी गई है।
राजस्थान भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा और विधायक नारायण सिंह देवल को प्रभारी बनाया गया है। इनके अधीन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो-दो और प्रत्येक जिले में दो से तीन नेताओं को प्रभारी बनाकर तैनात किया गया है। प्रभारी कटारा ने बताया विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से प्रमुख कार्यकर्ता को संयोजक लगाया गया है। चुनाव के दौरान गुजरात भाजपा का सहयोग करने प्रदेश से हजारों कार्यकर्ता भेजे जाएंगे।
इन जिलों में राजस्थानियों का दबदबा
गुजरात के जिन जिलों में राजस्थानी मतदाताओं का दबदबा है। उनमें अहमदाबाद, मेहसाणा, बनासकांठा, वड़ोदरा, आणंद, कच्छ, सुरेन्द्रनगर, राजकोट और सूरत शामिल हैं। इन जिलों में राजस्थान मूल के लोगों की आबादी करीब 25 से 50 प्रतिशत तक है। जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र लाखों परिवार गुजरात में रहते हैं।