राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। जूली ने दावा किया कि सरकार संभावित उम्मीदवारों की जानकारी जुटा रही है और सवाल उठाया कि चुनाव से पहले ऐसी डिटेल क्यों मांगी जा रही है। अपने दावे को लेकर जूली ने एक पत्र की प्रति भी साझा की है।
चुनाव से पहले सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में कौन अधिकारी इस तरह के निर्देशों की पालना करवा रहे हैं।
जूली ने हाल में हुए नगर निकाय चुनाव का हवाला देते हुए सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव में भी अगर इसी तरह का दबाव बनाया गया तो जनता इसका जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव अभी सामने हैं और सरकार को चुनाव से पहले इस तरह की कवायद से बचना चाहिए। जूली ने चुनाव आयोग से भी इस मामले की जांच कराने की मांग की।
सरकार से पूछा- संभावित उम्मीदवारों की जानकारी क्यों चाहिए?
जूली ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जिला प्रमुख, प्रधान और पंचायती राज संस्थाओं के संभावित उम्मीदवारों की जानकारी जुटाने का उद्देश्य क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जानकारी का इस्तेमाल लोगों पर दबाव बनाने या उन्हें चुनाव से दूर रखने के लिए किया जा सकता है।
हालांकि, संभावित उम्मीदवारों की जानकारी जुटाने के संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण इस बयान में सामने नहीं आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले ही पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान कर चुके हैं।