हाई टेंशन लाइन के ठीक नीचे बन रहा पंप स्टेशन
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220 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन के ठीक नीचे बन रहे पंपिंग हाउस को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में जनहित याचिका दायर हुई है। याचिका में इस निर्माण को असुरक्षित बताते हुए रोकने और हटाने की मांग की गई है। मामले में हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति इंदरजीत सिंह की खंडपीठ ने 25 सितंबर को याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका अधिवक्ता नसीरुद्दीन खान ने दायर की है। उनकी ओर से अधिवक्ता समीर शर्मा ने पैरवी की।
निर्माण से सुरक्षा को खतरा होने का आरोप
याचिका में कहा गया है कि 220 केवी हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन के पास पंपिंग हाउस/पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने इसे नियमों के खिलाफ और असुरक्षित बताते हुए कहा है कि इससे लोगों की जान, संपत्ति और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
याचिका में अदालत से निर्माण रोकने और यदि निर्माण हो चुका है तो उसे हटाने के निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही बिजली सुरक्षा, पर्यावरण, जमीन के इस्तेमाल और भवन निर्माण से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
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सात पक्ष बनाए गए प्रतिवादी
याचिका में राज्य सरकार, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए), जेडीए के जोन-4 के उपायुक्त, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सायंश इन्फ्राटेक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को प्रतिवादी बनाया गया है। हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल केवल राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। नोटिस छह सप्ताह में जवाब के लिए लौटना है।
अभी निर्माण पर रोक नहीं
हाईकोर्ट के 25 सितंबर के आदेश में निर्माण पर रोक लगाने का कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया गया है। मामले में अब राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम का जवाब आने के बाद आगे की सुनवाई होगी।