जल जीवन मिशन के तहत चयनित जयपुर के 15 गांवों में नलों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति के लिए स्मार्ट वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इस सिस्टम में पेयजल आपूर्ति की लाइन की शुरूआत की गई है।
दिल्ली में गुरूवार को आयोजित हुए तीसरे डिजिटेक कॉन्क्लेव-2022 में राजस्थान को आईओटी आधारित स्मार्ट वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए अवॉर्ड दिया गया। यह अवॉर्ड जलदायी मंत्री डॉ. महेश जोशी ने लिया। डॉ. जोशी ने कहा कि प्रदेश सराकर ने डिजिटल टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। यहीं वजह है कि डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए प्रदेश सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत अधिक से अधिक गांवों में आईओटी आधारित स्मार्ट वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किए हैं।
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जल जीवन मिशन के तहत चयनित जयपुर के 15 गांवों में नलों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति के लिए स्मार्ट वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इस सिस्टम में पेयजल आपूर्ति की लाइन की शुरूआत की गई है। साथ ही पाइप लाइन के ब्रांच नोड और टेल नोड पर सेंसर्स लगाए गए हैं। इंटरनेट के जरिए सेंसर्स को जोड़कर डेटा के आदान-प्रदान के अलावा मॉनिटरिंग की जाती है। सेंसर्स से पानी की शुद्धता के बारे में जानकारी मिलती है। इसके अलावा टेल एंड से लोगों को पहुंचने वाली पानी के फलो, टीडीएस, प्रेशर और क्लोरीन आदि की जानकारी मिल जाती है।
इकॉनोमिक टाइम्स डिजिटेक कॉन्क्लेव-2022 को सम्बोधित करते हुए डॉ. महेश जोशी ने कहा कि प्रदेश को पेयजल प्रबंधन के क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनौतियों को स्वीकार कर उन्हें बदलते हुए पेयजल के क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन किया है। आईटी, कम्प्यूटर जैसी डिजिटल टेक्नोलॉजी का लाभ अंतिम छोर तक के व्यक्ति को दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंंने कहा कि राजस्थान सरकार 1.33 करोड़ महिला मुखिया तक स्मार्ट फोन पहुंचाने जा रही है। जिसके बाद उन्हें डिजिटल क्रांति से जोड़ा जाएगा।