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SI पेपर लीक केस: जगदीश विश्नोई की जमानत रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची राजस्थान सरकार

Tue, 12 May 2026 09:15 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान सरकार ने SI भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में आरोपी जगदीश विश्नोई की जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सरकार ने उसे पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड बताते हुए जांच प्रभावित करने की आशंका जताई है।

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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राजस्थान सरकार ने SI भर्ती-2021 पेपर लीक मामले के आरोपी जगदीश विश्नोई को मिली जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय करोल और जस्टिस कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए आरोपी को नोटिस जारी किया है।

सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि गंभीर आरोपों और जांच में मिले अहम सबूतों के बावजूद राजस्थान हाईकोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को आरोपी को जमानत दे दी थी। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने दलील दी कि जगदीश विश्नोई SI भर्ती पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड और किंगपिन था।

सरकार के अनुसार आरोपी ने सेंटर सुपरिंटेंडेंट राजेश खंडेलवाल और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वॉट्सएप के जरिए 10 लाख रुपए में परीक्षा से पहले पेपर हासिल किया। बाद में हल किया हुआ पेपर मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। जांच में सामने आया कि जिन 25 अभ्यर्थियों को यह पेपर उपलब्ध कराया गया था, उनका चयन भर्ती में हो गया।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान आरोपी के पास से एक अकाउंट डायरी बरामद हुई थी, जिसमें अभ्यर्थियों और पैसों के लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज था। एफएसएल रिपोर्ट में भी डायरी की लिखावट जगदीश विश्नोई की होने की पुष्टि हुई है।

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राज्य सरकार ने यह भी कहा कि आरोपी लंबे समय से ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ समान प्रकृति के 13 अन्य मामले दर्ज हैं। इस पूरे मामले में अब तक 139 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि करीब 150 गवाहों के बयान अभी बाकी हैं। ऐसे में आरोपी को जमानत देना जांच और ट्रायल दोनों को प्रभावित कर सकता है।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जनवरी में जेल से बाहर आते ही एसओजी ने जगदीश विश्नोई को एक अन्य पुराने पेपर लीक मामले में फिर गिरफ्तार कर लिया था। बाद में हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने उस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण मानते हुए आरोपी को राहत दी थी। अब राज्य सरकार ने मूल जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।


 



 
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