चुनावी वादे को पूरा करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को 2 लाख रुपये तक के कृषि कर्ज को माफ करने का एलान किया। इसका फायदा उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने 30 नवंबर 2018 तक सहकारी और अन्य बैंकों से अल्पकालीन कर्ज लिया था।
इस फैसले से राज्य सरकार पर 18000 करोड़ का बोझ पड़ेगा। पिछले तीन दिन के अंदर कर्ज माफी का कदम उठाने वाला राजस्थान चौथा राज्य बन गया है।
इससे पहले मंगलवार को शपथ ग्रहण करने के कुछ घंटों के अंदर ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कर्ज माफी की घोषणा की थी। इसके अलावा असम सरकार ने भी 25 हजार रुपये तक के कर्ज माफी का एलान किया था। वहीं गुजरात सरकार ने ग्रामीण इलाकों के बिजली उपभोक्ताओं का बिल माफ करने का एलान किया था।