राजस्थान के किसानों को कर्जमाफी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि प्रदेश के किसानों की कर्जमाफी के लिए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मॉडल का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद यहां किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे।
पायलट ने मंगलवार को शासन सचिवालय में कहा कि घोषणा-पत्र में शामिल किसानों की कर्जमाफी से लेकर बेरोजगारी भत्ता सहित सभी जन कल्याण के कार्यों व नीतियों को जल्द लागू किया जाएगा। कर्जमाफी के लिए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जिस मॉडल पर काम किया जाएगा, उसका अध्ययन कर यहां भी कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पायलट ने कहा कि मंत्रिमंडल का फैसला दिल्ली जाकर राहुल गांधी से चर्चा के बाद किया जाएगा।
कर्जमाफी के लिए गहलोत ने ली डेढ़ घंटे बैठक
किसान कर्जमाफी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्य सचिव डीबी गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में किसान कर्जमाफी को लेकर मंथन किया गया। बैठक में किसानों पर बकाया ऋण और राजकोष की आर्थिक स्थिति सहित सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि सिर्फ कोऑपरेटिव बैंकों ने किसानों को 15 हजार करोड़ के अल्प व मध्य कालीन ऋण बंटे हुए हैं। इसी प्रकार निजी और स्टेट सेक्टर के बैंकों का भी करीब 80 हजार करोड़ रुपये का कर्ज किसानों पर बकाया चल रहा है।