राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर सियासी बयानबाजियों का दौर जारी है। राजस्थान में सत्ता के खिलाफ हवा का रूख देख मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपना सबसे इमोशनल कार्ड खेला। राजे ने कहा कि राजस्थान में वह बहू बन कर आई हैं और अब उनकी अर्थी ही यहां से जाएगी। वसुंधरा राजे का यह बयान सचिन पायलट के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के जन्म स्थान के बारे में पूछा था।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर में रविवार देर शाम पत्रकारों के साथ दीपावली स्नेह मिलन समारोह में थी। सचिन पायलट के बयान के बारे में पूछे जाने पर वसुंधरा को कहना पड़ा कि उनकी अर्थी ही राजस्थान से उनका नाता तोड़ सकती है। साथ ही राजे ने सचिन पायलट के ससुराल पक्ष पर भी निशाना साधा।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले सचिन पायलट ने वसुंधरा राजे के जन्म स्थान और कर्म स्थल के बारे में बयान दिया था। उसमें उन्होंने उन्हें बाहरी नेता करार करने की बात कही थी। इसके जवाब में वसुंधरा राजे ने उनके ससुराल जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के परिवार से जोड़कर एक भावुक बयान दिया।
बता दें कि सचिन पायलट ने फारूक अब्दुल्लाह की बेटी सारा से शादी की है। साथ ही राजे ने अपनी अर्थी और शादी के बाद अपने कर्म स्थल को राजस्थान से जोड़कर महिलाओं और राजस्थान के वोटरों के बीच एक भावनात्मक कार्ड खेलने का प्रयास किया।
राजस्थान में 7 दिसंबर को चुनाव होने हैं और दोनों ही पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम तय करने में जुटी हुई है। ऐसे में वसुंधरा राजे द्वारा खेला गया यह कार्ड कांग्रेस के लिए उल्टा पड़ सकता है क्योंकि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला अक्सर हिंदू विरोधी और कुछ मामलों में कश्मीर की आजादी की बात करते रहे हैं।
वसुंधरा राजे के इस बयान को ना केवल हिंदू वोट बैंक को एकजुट करने के तौर पर देखे जा रहा है बल्कि महिलाओं और राजस्थान की भावनाओं के इस्तेमाल कर अपने प्रति सहानुभूति पैदा किए जाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है।