विधानसभा चुनाव में धर्म के आधार पर वोट मांग कर चर्चा में रहे राजस्थान सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री धनसिंह रावत आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में फंस गए हैं। रावत ने बांसवाड़ा की सभा में कांग्रेस को मुसलमानों की और भाजपा को हिन्दुओं की पार्टी बताया था और हिन्दुओं से सनातन धर्म की रक्षा के लिए भाजपा के समर्थन में प्रचंड मतदान करने की अपील की थी।
राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार के निर्देश पर बांसवाड़ा के निर्वाचन अधिकारी भगवती प्रसाद कलाल ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की एफआईआर दर्ज करवा दी। इससे पूर्व बासंवाड़ा जिला निर्वाचन अधिकारी ने रावत को नोटिस देकर जवाब तलाब किया था। लेकिन रावत ने कोई जवाब नहीं देने पर ये मामला दर्ज करवाया गया है।
मंत्री धन सिंह ने शुक्रवार 26 तारीख को दिया बयान सामने आया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक धन सिंह ने एक चुनावी सभा में कहा, "राजस्थान में जितने भी हिंदू हैं उन सभी हिंदुओं को एकजुट बीजेपी को वोट देना है। अगर कांग्रेस के साथ जुड़ कर सारे मुस्लिम मतदान कर सकते हैं तो सारे हिंदू बीजेपी के साथ जा सकते हैं और प्रचंड बहुमत से बीजेपी को जिता सकते हैं।"
कुछ महीनों पहले धन सिंह रावत तब सुर्खियों में आए थे जब उनके बेटे राजा का बीच सड़क में खुलेआम एक कार सवार को बेरहमी से पीटने का वीडियो वायरल हुआ था। प्रशासन की ओर से मामले में ढिलाई बरतने पर काफी किरकिरी हुई थी।
यह पहली बार नहीं है जब धन सिंह रावत ने विवादित बयान दिया हो। पिछले साल नवंबर के महीने में उन्होंने बांसवाड़ा में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक में अधिकारी को मुर्गा बनाने की चेतावनी दी। उससे पहले उन्होंने जिला परिषद की साधरण बैठक में विकास अधिकारियों के लिए कहा था कि ये अरबी घोड़े हैं इन्हें चाबुक मारो।