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Rajasthan Election Voting: 68 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं ने दिया वोट, वोटिंग के ट्रेंड से समझें सत्ता का समीकरण

Sat, 25 Nov 2023 08:05 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Election Voting: राजस्थान में मतदान समाप्त हो गया है। करीब 70 फीसदी मतदाताओं ने नई सरकार को चुनने के वोट दिया है। जानिए मतदान के समीकरण क्या कहते हैं?
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पिछले पांच चुनाव में ऐसा रहा वोट प्रतिशत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान के पिछले रिकॉर्ड टूटटे नजर आ रहे हैं। इसके कई सारे कारण हो सकते हैं। नतीजे बताएंगे कि मतदान सरकार के पक्ष में हुआ या फिर खिलाफ। प्रदेश में मतदान के प्रतिशत की बात की जाए तो शाम पांच बजे 68.24 फीसदी पड़े थे। 2018 के चुनाव से तुलना की करें तो उस दौरान 74.06 फीसदी मतदान हुआ था। इस चुनाव में औसतन 2 घंटों 15 प्रतिशत तक वोट प्रतिशत बढ़ा है। शाम के वक्त वोटिंग बढ़ती है, इस लिहाज से शाम 6 बजे तक पोलिंग 74 प्रतिशत के पार जा सकती है। प्रदेश में कुल कितना मतदान हुआ, ये अभी साफ नहीं है। जल्द ही इसका आंकड़ा जारी किया जाएगा।       
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इस चुनाव में वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की बात करें तो इसके कई कारण हो सकते हैं। प्रदेश में इस बार 22 लाख नए वोटर जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग की सक्रियता भी काफी ज्यादा रही, जिससे ज्यादा से ज्यादा वोटर बूथ तक आए हैं। सबसे ज्यादा वोटिंग प्रतिशत हॉट सीटों पर बढ़ा है, जिनमें धार्मिक ध्रुविकरण वाली सीटें अहम हैं। एक क्लिक पर जानें प्रदेश की हॉट सीटें और वहां कितना मतदान हुआ ... 

अलवर की तिजारा सीट पर बीजेपी के बाबा बालकनाथ का मुकाबला कांग्रेस के इमरान खान से है। यहां प्रचार में हिंदुस्तान और पाकिस्तान, मंदिर बनाम मस्जिद का जिक्र खूब हुआ। इस सीट पर पिछले चुनावों में 82 प्रतिशत की पोलिंग हुई थी। इस बार शाम 5 बजे 80 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है। जयपुर की किशनपोल सीट भी धार्मिक ध्रुवीकरण में फंसी है। यहां भी वोटिंग के पिछले सारे रिकॉर्ड टूटते नजर आ रहे हैं। यही हाल जयपुर की हवामहल सीट का भी है। एक क्लिक पर जाने हिंदु बनाम मुस्लिम की सीटें... 
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वोटिंग प्रतिशत बढ़ा तो किसे होगा फायदा
राजस्थान में वोटिंग प्रतिशत इसलिए भी अहम हो जाता है, क्योंकि इसके आंकलन से संभावित सरकार का नाम सामने आ जाता है। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि जब भी वोटिंग बढ़ी है तो भाजपा ने सरकार बनाई और कम होने पर कांग्रेस सत्ता में आती है।

पिछले पांच चुनावों की स्थिति
  • 1998: 63.39% पोलिंग, कांग्रेस 153 सीट, भाजपा 33 सीट
  • 2003: 67.18% पोलिंग (मतदान 3.79% बढ़ा), भाजपा 120 सीट, कांग्रेस 56 सीट 
  • 2008: 66.25 फीसदी मतदान (0.93% कम), भाजपा 120 से 78 सीटों पर सिमट गई, कांग्रेस की 56 बढ़कर से 96 सीट
  • 2013: 75.04% पोलिंग, (8.79% मतदान बढ़ा), भाजपा को 163 सीटें और कांग्रेस को 21 सीटें मिली
  • 2018: 74.06% पोलिंग (0.98% कम हुआ मतदान), कांग्रेस को 100 सीटें और भाजपा को 73 सीटें मिली
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