इन सीटों पर भाजपा को हराना मुश्किल
11 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार बाली में भाजपा को लगातार छह और पाली में पांच बार जीत मिली। नागौर, सांगानेर, रेवदर, राजसमंद, उदयपुर, लाडपुरा, झालरापाटन, खानपुर, भीलवाड़ा, राजगंजमंडी, सोजत, ब्यावर और फुलेरा में चार बार। सूरसागर, भीनमाल, कोटा साउथ, बूंदी, अजमेर नार्थ, अजमेर साउथ, बीकानेर ईस्ट, सिवाना, अलवर सिटी, मालवीय नगर, रतनगढ़, विद्याधर नगर और आसींद में तीन बार। जबकि 33 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने लगातार दो बार जीत दर्ज की।
कांग्रेस गढ़ की ये सीटें अभेद्य
जोधपुर की सरदारपुरा सीट से कांग्रेस को पांच बार जीत मिली। इस सीट से वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चुनाव लड़ते हैं। बाड़ी सीट पर चार बार जीत दर्ज की। इसी तरह झुंझुनू, बागीदौरा, सपोटरा, बाड़मेर, गुढ़ामालानी, फतेहपुर में कांग्रेस ने 3 बार जीत का परचम लहराया। डीग कुमेर, सांचौर, बड़ी सादड़ी, चित्तौड़गढ़, कोटपूतली, सरदारशहर समेत 13 सीटों पर कांग्रेस को लगातार दो बार जीत मिली।
119 सीटों पर क्या रहता है ट्रेंड?
आंकड़ों के अनुसार 81 सीटों पर भाजपा कांग्रेस का 'कब्जा' है। बाकी बची 119 सीटें प्रदेश की सरकार तय करती हैं। यहां के मतदाता पार्टी और विधायक दोनों को ही बदलते हैं। क्षेत्र के मुद्दे, जाति, चेहरा और प्रत्याशी की सक्रियता को ध्यान में रखकर वोट करते हैं।
क्या इस बार बदलेगा ये ट्रेंड?
विधानसभा चुनाव में कब क्या होगा ये अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। मतदाता कभी भी अपना रुख बदल सकता है और किसी भी पार्टी के पाले में जा सकता है। इस चुनाव को लेकर कांग्रेस लगातार दावा कर रही है कि वह दोबारा सरकार बनाएगी। राजस्थान इतिहास बदलेगा। ऐसे में हो सकता है कि इस बार के चुनाव में कुछ अलग ही ट्रेंड देखने को मिले।