मैराथन बैठकों और गहन मंथन के बाद कांग्रेस ने आखिरकार राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची जारी कर ही दी। इस सूची ने हर किसी को चौंकाया है। कांग्रेस की पहली सूची में अशोक गहलोत, सीपी जोशी, गिरिजा व्यास और सचिन पायलट सहित राज्य के तकरीबन सभी दिग्गज नेताओं के नाम हैं। पार्टी की पहली सूची में 152 उम्मीदवारों के नाम हैं और ऐसा लगता है सभी गुटों, वर्गों और जातियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
दिग्गजों को रण में उतारा
कांग्रेस ने राज्य से ताल्लुक रखने वाले तकरीबन अपने सभी वरिष्ठ नेताओं को चुनावी रण में उतारा है। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत अपनी वर्तमान व परंपरागत सीट सरदारपुरा से लगातार पांचवीं बार और वैसे छठी बार चुनाव लड़ेंगे। गहलोत चार बार इसी सीट से विधायक रहते हुए दो बार मुख्यमंत्री बने हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट टोंक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। इस सीट पर मुस्लिम और गुर्जर मतदाताओं की संख्या अच्छी-खासी है। माना जा रहा है कि इसी के चलते पायलट ने इस सीट को चुना है। सचिन पायलट का ये पहला विधानसभा चुनाव होगा। इससे पहले वह दौसा से 2004 और अजमेर से 2009 में सांसद रह चुके हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी नाथद्वारा से चुनाव लड़ेंगे तो रामेश्वर डूडी नोखा से उम्मीदवारी करेंगे। नाथद्वारा से सीपी जोशी चार बार पहले भी विधायक रह चुके हैं। हालांकि, इसी सीट पर वह 2008 में एक वोट से चुनाव हार गए थे। कहा जाता है कि इसी वजह वह मुख्यमंत्री पद से चूक गए थे। रामेश्वर डूडी नोखा से चुनाव लड़ेंगे। वह इसी सीट से वर्तमान में विधायक और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। डूडी बीकानेर से सांसद रह चुके हैं। इनके अलावा गिरिजा व्यास को भी उदयपुर से टिकट मिला है। कांग्रेस की पहली सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह का नाम नहीं है, हालांकि पहले उनके चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
कैसे कायम होगा संतुलन ?
कांग्रेस की सूची इस मायने में दिलचस्प है कि इसमें सभी बड़े नेताओं के नाम हैं। अगर कांग्रेस चुनाव में बाजी मारती है तो इन बड़े नेताओं के बीच संतुलन कैसे कायम होगा ये देखना दिलचस्प रहेगा। गहलोत इन दिनों केंद्र में नई भूमिका में हैं। वह दो बार राजस्थान के सीएम रह चुके हैं। सीपी जोशी 2008 में सीएम बनते-बनते रह गए थे। दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में सचिन पायलट को पहली बार राजस्थान कांग्रेस की कमान मिली है। उन्हें भी सीएम पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। गिरिजा व्यास भी एक कद्दावर नेता हैं और उनका विधानसभा चुनाव लड़ना भी एक नए कोण को जन्म दे सकता है। इसी तरह रामेश्वर डूडी भी एक बड़े नेता हैं जो वक्त आने पर अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। वह राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। तो फिर कांग्रेस ने ऐसा खतरा क्यों उठाया?