राजस्थान के बूंदी में 2018 में दो सांड़ों की लड़ाई में युवक की मौत मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। पूर्व में कोर्ट ने नगर परिषद बूंदी को आदेश दिया था कि वह पीड़ित परिवार को 23 लाख 62 हजार 500 रुपये का हर्जाना देगा। आदेश की अवमानना करने पर कोर्ट ने बूंदी नगर परिषद की संपत्ति कुर्क करके उक्त राशि का भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं।
कोर्ट के आदेश के बाद बूंदी नगर परिषद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
बूंदी जिला न्यायालय के निर्देश पर गुरुवार को सेल अमीन ने नगर परिषद पहुंचकर आयुक्त को कुर्की का आदेश सौंपा। एडवोकेट कौशल किशोर शर्मा ने बताया कि, दो सांड़ों की लड़ाई में ब्रह्मपुरी निवासी मुकेश दीक्षित की मौत हो गयी थी। उनकी मां सुशीला देवी, पत्नी रानी दीक्षित की ओर से दी गई याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नगर परिषद को मौत का जिम्मेदार ठहराया था। कोर्ट ने नौ जनवरी 2020 को मृतक के परिवार को 23 लाख 62 हजार 500 रुपये 6 प्रतिशत ब्याज के साथ हर्जाने के रूप में देने के आदेश दिए थे।
न्यायालय ने दिया पांच जनवरी तक का समय
न्यायालय ने नगर परिषद को 5 जनवरी 2022 तक का समय दिया है। अगर नगर परिषद उपयुक्त राशि का भुगतान नही करती है, तो निलामी द्वारा रकम की वसूली कर मृतक की मां को रकम दिलाई जाएगी। मृतक के परिजनों की ओर से एडवोकेट कौशल किशोर शर्मा ने न्यायालय में पैरवी की। उसी के बाद न्यायालय के निर्देश पर सेल अमीन द्वारा नगर परिषद आयुक्त को कुर्की आदेश सौंपा गया।