राजस्थान में चार महीने पूर्व विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में मचे घमासान जैसे हाल इस लोकसभा के परिणाम आने के बाद फिर से बनने की आशंका है।
वर्तमान में कांग्रेस के पास 25 में से 20 लोकसभा सीटें हैं और फीडबैक में चौथाई सीट भी नहीं मिल पाने की चर्चा सामने आई है।
चुनाव नतीजे पार्टी के पक्ष में नहीं रहे तो घमासान को सकता है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों के निशाने पर कांग्रेस के सांसद व बड़े क्षेत्रीय कार्यकर्ता रहे थे। वैसे ही हालात अब बन रहे हैं।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार हारने वाले उम्मीदवार जीत नहीं पाने का ठीकरा पार्टी के लोगों पर ही फोड़ेंगे। इसे लेकर कई नेताओं ने तैयारी कर ली है।
ठीक इसी तरह विधानसभा चुनाव के बाद हुई हर बैठक में पार्टी नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले थे। जयपुर की बात करें तो जयपुर में यह तैयारी शुरू हो चुकी है।
विधानसभा उम्मीदवार रहे पार्टी के लोगों और सांसद खेमे के लोगों ने अभी से अपनी बांहें तान ली हैं। एक-दूसरे की शिकायतों को लेकर पत्रों को सिलसिला तो शुरू भी हो चुका है।
विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद अब कुछ माह में ही स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी शुरू होने वाली है। यदि विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तरह फूट जारी रही तो स्थानीय निकाय चुनाव में भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।