राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिनवार को भाजपा पर जमकर तंज कसे। आरएसएस और भाजपा ने तय कर रखा है कि देश को हिंदू-मुस्लिम और जाति के बीच में बांटना हैं। भाजपा की सोच यही है कि कैसे विकास कार्य ठप्प करें और बजट की योजनाएं लागू नहीं हो पाएं। करौली में जो हुआ वह एक प्रकार से भाजपा का प्रयोग था। सरकार ने उसे रोक दिया, इससे प्रदेश में रामनवमी पर सब धर्मों ने मिलकर के जुलूस निकाले।
भाजपा ने कारौली वाला प्रयोग रामनवमी पर 7 राज्यों में किया। वहां दंगे भड़के फिर वहां बुलडोजर चला दिए गए। आखिर यह निर्दोषों पर बुलडोजर कैसे चला रहे हैं? मप्र, यूपी, दिल्ली में जो लोग पकड़े गए हैं, सबके घर तोड़ दिए गए। इनका एजेंडा बहुत खतरनाक है, इसे प्रदेशवासियों को समझना होगा।
देश किस दिशा में जा रहा किसी को नहीं मालूम
अलवर में 300 साल पु्राना मंदिर तोड़े जाने के मामले को लेकर सीएम गहलोत ने कहा कि राजगढ़ नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड है। उन्होंने प्रस्ताव पास किया। यहां 34 पार्षद भाजपा और एक कांग्रेस का है। भाजपा बोर्ड प्रस्ताव पास करते हैं और मंदिर गिरा देते हैं। ध्रुवीकरण के लिए अभी तक इसे मुद्दा बनाया हुआ है। जनता को सच्चाई का साथ देना चाहिए, तब इन्हें सबक मिलेगा। भाजपा ने जो रास्ता पकड़ा है, उस पर देश किस दिशा में जा रहा है यह किसी को नहीं मालूम है। इसे लेकर देश का बुद्धिजीवी, लेखक, पत्रकार और सब चिंतित हैं।
सीएम गहलोत ने कहा कि देश के 16 राज्यों में बिजली संकट है। कोयले की कमी के कारण बिजली की समस्या हो रही है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को कम से कम परेशानी हो। जनता से भी अनुरोध किया है कि बिजली बचाए। जो कदम उठा सकते हैं हम लोग उठा रहे हैं।