राजस्थान की गहलोत सरकार की कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर शनिवार को हुई। इसमें गहलाेत मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि कल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बहम बैठक होने वाली है। इसमें नए मंत्रिमंडल पर फैसला हो सकता है। इससे पहले राज्य कांग्रेस प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने बैठक की शुरुआत में एक प्रस्ताव रखा, जिसके बाद सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। डोटासरा समेत दो अन्य मंत्रियों के साथ पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र में इस्तीफा देने की पेशकश की थी। सभी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री राजभवन गए और कैबिनेट फेरबदल के सिलसिले में राज्यपाल कलराज मिश्र के साथ बैठक की।
दरअसल, राजस्थान सरकार में गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी गतिरोध के बीच आलाकमान ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी के मद्देनजर सभी मंत्रियों के इस्तीफे लिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने गहलोत सरकार के नए मंत्रिमंडल का फॉर्मूला भी तय कर दिया है। फेरबदल 2023 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए किए जाने की उम्मीद है।
इस बीच कांग्रेस नेता प्रताप खाचरियावास ने कहा कि सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। रही बात पुर्नगठन की, तो प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। यह प्रक्रिया कर एक हिस्सा है। कल दोपहर 2 बजे पीसीसी की बैठक है, वहां सब जाएंगे। वहां हमें आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।
इससे पहले गहलोत सरकार के तीन मंत्रियों ने शुक्रवार शाम को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा शामिल हैं। शुक्रवार को ही तीनों मंत्रियों ने सोनिया गांधी को पत्र भेजकर इस्तीफे देने की पेशकश की थी। इन सभी मंत्रियों ने एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के चलते इस्तीफा दिया था।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रविवार शाम चार बजे नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। वर्तमान में राज्य मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 21 सदस्य हैं। बीते दिन तीन मंत्रियों के इस्तीफे के बाद मंत्रियों की संख्या 18 रह गई थी। राज्य में विधायकों की संख्या 200 है, उसके अनुसार मंत्रिमंडल में अधिकतम 30 सदस्य हो सकते हैं।
देर शाम शुरू हुई बैठक
सीएम अशोक गहलोत उदयपुर के दौरे पर थे, लेकिन कांग्रेस आलाकमान के आदेश पर उन्होंने दौरा रद्द कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने आवास पर देर शाम कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई। माना जा रहा है कि वे इसी बैठक में सभी मंत्रियों से इस्तीफा मांग सकते हैं। इसके बाद गहलोत मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया जाएगा।
पायलट खेमे को मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह
दरअसल, राजस्थान में सचिन पायलट का खेमा इस वजह से ही नाराज है कि गहलोत कैबिनेट में उन्हें अहमियत नहीं दी जा रही है, लेकिन अब माना जा रहा है कि गहलोत के नए कैबिनेट में सचिन पायलट के खेमे के अलावा निर्दलीय और बसपा से आए विधायक भी शामिल होंगे और उन्हें मंत्री बनाया जाएगा।