मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम अशोक गहलोत ने गृह विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित किया। अपने संबोधन में सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और अपराधों की प्रभावी रोकथाम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारी इस दिशा में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम करें। पुलिस का प्रयास हो कि किसी भी अपराध में कम से कम समय में गहनता से तफ्तीश हो और अपराधी को सजा एवं पीड़ित को जल्द से जल्द से न्याय मिले। पुलिस अपना काम बिना किसी दबाव के निष्पक्षता और सकारात्मक सोच के साथ करे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पुलिस की कार्यशैली को आधुनिक, पब्लिक फ्रेंडली एवं प्रो-एक्टिव बनाने के उद्देश्य से थानों में स्वागत कक्ष, महिला अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी अनुसंधान के लिए हर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद का सृजन, अनिवार्य एफआईआर रजिस्ट्रेशन, जघन्य अपराधों के लिए अलग इकाई का गठन, महिला एवं बाल डेस्क का संचालन, सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक, महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र जैसे नवाचार किए गए हैं। इनका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। पुलिस अधिकारी इन नवाचारों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत करें। महिला अपराधों के प्रति विशेष कदम उठाने का परिणाम है कि राज्य में पॉक्सो एक्ट एवं महिला अत्याचार के प्रकरणों के निस्तारण में लगने वाला औसत समय काफी कम हो गया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 'आमजन के साथ-साथ विशेषज्ञों की राय बनती जा रही है कि ओमिक्रॉन, डेल्टा जितना खतरनाक नहीं है परन्तु इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। जिन लोगों में कोई लक्षण नहीं हैं वे डॉक्टर की सलाह से घर पर ही ठीक हो सकते हैं लेकिन जिनके बुखार, सिरदर्द, खांसी-जुकाम, बदन दर्द जैसे लक्षण हैं उन्हें बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।'
उन्होंने कहा कि 'ओमिक्रॉन के पोस्ट कोविड प्रभाव डेल्टा की तरह नए प्रकार के हो सकते हैं इसलिए ओमिक्रॉन को गंभीरता से लेकर इससे संक्रमित होने से बचना ही ज्यादा उचित होगा। मेरा स्वयं का अनुभव भी यही कहता है। इसलिए मास्क पहनें, सामाजिक दूरी बनाए रखें एवं वैक्सीन अवश्य लगवाएं।'
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को कृषि आदान-अनुदान का भुगतान करने के लिए श्रीगंगानगर जिले के 7 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया गया है। गत वर्ष 23 अक्तूबर को श्रीगंगानगर जिले की अनूपगढ़ एवं विजयनगर तहसील में ओलावृष्टि से खरीफ की फसलों में हुए नुकसान को देखते हुए विशेष गिरदावरी के निर्देश दिए गए थे। जिसमें अनूपगढ़ तथा विजयनगर तहसील के 73 किसानों की फसलों में 33 प्रतिशत से अधिक खराबी होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी।
इस आधार पर इन किसानों के हित में संवेदनशील निर्णय करते हुए एसडीआरफ मानदंडों के अनुसार उन्हें कृषि आदान एवं अनुदान दिए जाने के लिए अनूपगढ़ के गांव 60 जीबी-बी, 1ए-ए, 1ए-बी, 3ए, 5ए-ए तथा विजयनगर तहसील के गांव 17एएस एवं 19एएस को अभावग्रस्त घोषित करने की मंजूरी दी है।