सीएम गहलोत ने रहा कि सरकार अपने पांच सालों का कार्यकाल पूरा करेगी।
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पंजाब में चल रहे सियासी घमासान के बीच राजस्थान में भी बदलाव की अटकलें तेज होने लगी है। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की माने तो राजस्थान में इसका कोई भी असर नहीं है। गहलोत इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उनकी सरकार को कोई भी खतरा नहीं है। सीएम गहलोत ने इस बात को लेकर भरोसा जताया की उनके नेतृत्व में सरकार अपने पांच सालों का कार्यकाल पूरा करेगी और अगली बार भी राज्य की सत्ता में वापस लौटेगी।
सरकार अपने पांच साल पूरा करेगी
अपने आवास पर प्रशासन संग शहरों के अभियान की शुरुआत करते हुए गहलोत ने अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में चल रहे राजनितिक हलचलों पर निशाना साधते हुए कहा- निश्चिंत रहें.. यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी और अगली बार भी राज्य में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी। मुख्यमंत्री ने अपने बगल में बैठे मंत्री शांति धारीवाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि धारीवाल जी को अगली बार भी यही विभाग दूंगा। गहलोत ने कहा कि यहां कोई भी सत्ता विरोधी लहर नहीं है। सभी बातें चुनाव आने पर साफ हो जाएंगी।
सीएम की पिछले महीने ही एंजियोप्लास्टी हुई थी जिस कारण वो लंबे समय के बाद किसी सार्बजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने इस मामले में भी विरोधियों पर चुटकी लेते हुए कहा- अभी मुझे पंद्रह-बीस सालों तक कुछ होने वाला नहीं है, जिसको दुखी होना है होता रहे। गहलोत ने बताया कि कोरोना काल में भी जनता ने उनका भरपूर साथ दिया है।
गहलोत और पायलट के खेमे में कई महीनों से चल रही है बयानबाजी
बता दें की कांग्रेस शासित राज्य पंजाब में हुए सियासी घमासान के बीच राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी राजनीतिक फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खेमे में राजनीतिक बहसबाजी देखने को मिलती रहती है। इसी हफ्ते बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए चार विधायकों ने भी दिल्ली में डेरा जमाया हुआ था। विधायकों के गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने जाने की भी बातें उठीं थी, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आश्वासन मिलने के बाद उनके सुर नरम पड़ गए थें।