राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में आज जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों के महापौर पद के साथ कोटा जिले की सुकेत नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा। चारों निकायों में कुछ वार्डों के पुनर्मतदान के चलते 21 सितंबर को प्रमुख पदों का चुनाव टाल दिया गया था। अब पुनर्मतदान पूरा होने के बाद शुक्रवार को इन पदों के लिए मतदान कराया जा रहा है।
जयपुर में 76 वोट का बहुमत, भाजपा के पास 78 पार्षद
जयपुर में महापौर बनने के लिए 76 वोट जरूरी हैं। भाजपा के 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में भाजपा संख्या बल के हिसाब से बहुमत से दो वोट आगे है।
कांग्रेस को अपने 57 पार्षदों के अलावा 19 और वोटों की जरूरत होगी। यदि कांग्रेस को सभी 15 निर्दलीयों का समर्थन भी मिल जाए तो उसका आंकड़ा 72 तक पहुंचेगा, जो बहुमत से चार कम है। ऐसे में कांग्रेस के सामने अतिरिक्त समर्थन जुटाने की चुनौती है।
कोटा में भाजपा के पास बहुमत से 8 वोट अधिक
कोटा नगर निगम में महापौर पद के लिए भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी और कांग्रेस की सुनीता सुमन के बीच मुकाबला है। 100 सदस्यीय निगम में भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और चार निर्दलीय पार्षद हैं। बहुमत के लिए 51 वोट चाहिए।
दो निर्दलीय पार्षद भाजपा को समर्थन दे चुके हैं, जिससे उसका समर्थन 59 तक पहुंच गया है। वहीं कांग्रेस को बहुमत के लिए 12 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। मतदान सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा और इसके बाद मतगणना होगी।
सुकेत में चार निर्दलीयों पर नजर
कोटा जिले की 25 वार्ड वाली सुकेत नगरपालिका में पहली बार अध्यक्ष का चुनाव होगा। यहां कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 और चार निर्दलीय पार्षद हैं। अध्यक्ष बनने के लिए 13 वोट चाहिए। भाजपा ने जितेंद्र चोपड़ा और कांग्रेस ने उमरदीन खान को प्रत्याशी बनाया है। दोनों दलों ने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की है।
चार निर्दलीय पार्षदों की भूमिका यहां निर्णायक हो सकती है। निर्दलीयों के समर्थन को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन अंतिम तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही साफ होगी। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों में महापौर चुनाव के बाद 26 सितंबर को डिप्टी मेयर के लिए मतदान कराया जाएगा।