ललित मोदी की मदद करने के नाम पर विपक्षियों का निशाना बनी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्य के निकाय चुनावों के बहाने विपक्षियों को करारा जवाब दे दिया है, जहां उनकी पार्टी शानदार जीत दर्ज करती नजर आ रही है।
राज्य में दो दिन पहले हुए निकाय चुनावों की गुरुवार को हुई मतगणना के शुरूआती रुझानों के अनुसार भाजपा 62 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश में हुए निकाय चुनावों में भी मुख्यमंत्री शिवराज चौहान व्यापमं घोटाले की कालिख से उबर कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दर्ज कराने में सफल रहे थे।
उनकी पाटी ने राज्य की 16 नगर निगमों पर कब्जा जमाया था, जबकि उनकी विपक्षी कांग्रेस मात्र एक सीट पर ही संतोष कर सकी थी। शिवराज की तर्ज पर ही वसुंधरा भी अपनी पार्टी को राज्य में शानदार सफलता दिलवाती दिख रही हैं।
129 सीटों के लिए 76 फीसदी हुआ मतदान
राजस्थान में मंगलवार को 129 नगरीय निकायों के लिए हुए चुनाव में कुल 76.05 फीसदी मतदान हुआ था। खराब मौसम के बावजूद भी लोगों ने बढ़चढ़कर मतदान में भाग लिया था। हालांकि इस दौरान छिटपुट हिंसा की बात भी सामने आई थी बावजूद इसके चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया था।
गुरुवार को इसकी मतगणनना शुरू हुई तो नतीजों की आहट मिलते ही भाजपा समर्थकों की बांछें खिलने लगीं। अभी तक आए 113 नतीजों में से भाजपा 62 पर जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं कांग्रेस के हिस्से में मात्र 25 सीटें आई हैं जबकि 17 सीटें निर्दलीयों के खाते में गई हैं।
वहीं इन चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत वसुंधरा के लिए खासी राहत सुकून भरी हो सकती है। ललित मोदी की मदद करने के आरोपों से घिरीं वसुंधरा राजे के लिए ये चुनाव दबाव हटाने वाले हो सकते हैं वहीं इससे विपक्षी कांग्रेस का मनोबल भी प्रभावित हो सकता है जो लगातार वसुंधरा से इस्तीफे की मांग कर रही है।
हालांकि भाजपा के लिए एक बुरी खबर ये भी है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके बेटे के संसदीय क्षेत्र झालावाड़ में पार्टी उम्मीदवारों को हार का मुंह देखना पड़ा है।
सचिन पायलट ने भी ठोकी अपनी पीठ
वहीं चुनावों के नतीजे आने के बाद बेशक विपक्षी कांग्रेस को 129 में से मात्र 25 सीटें मिली हों लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट इसमें भी अपनी पीठ ठोकते नजर आए।
उन्होंने दावा किया कि इन चुनावों में भाजपा का वोट प्रतिशत घटा है, जबकि कांग्रेस का लगातार बढ़ रहा है। सचिन के अनुसार भाजपा और कांग्रेस के वोट प्रतिशत में एक दो फीसदी का ही अंतर रहा।
सचिन ने वसुंधरा राजे पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और तीन बार से सांसद उनके बेटे अपने अपने क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवारों को भी जीत नहीं दिलवा सके। वहीं उन्होंने निकाय चुनावों में भाजपा की जीत पर कहा कि इससे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जनता की क्लीन चिट की बात साबित नहीं हो जाती।
सचिन पायलट ने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि कुछ सीटों पर जीते निर्दलीय उम्मीदवारों को डरा धमकाकर भाजपा के पाले में लाने का प्रयास किया जा रहा है।