राजस्थान में चल रही सियासी महाभारत के बीच भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के एक विधायक ने वीडियो जारी कर पार्टी के विधायकों को कैद करके रखने का आरोप लगाया है। बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रहे विवाद से उपजे राजनीतिक संकट के बीच बीटीपी ने अपने दो विधायकों को व्हिप जारी कर निर्देश दिया है कि वह किसी के भी समर्थन में वोट न करें।
बीटीपी ने विधानसभा में विश्वास मत की स्थिति में अपने दोनों विधायकों को पत्र लिखकर कहा है कि फ्लोर टेस्ट की स्थिति में वे न भाजपा को वोट देंगे और न ही कांग्रेस को। पत्र में दोनों विधायकों को सचिन पायलट के समर्थन में भी मतदान करने से मना किया गया है। बता दें कि इन दोनों विधायकों ने पहले राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन किया था।
अभी तक माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास 104 विधायकों का समर्थन है। लेकिन बीटीपी नेतृत्व द्वारा अपने दो विधायकों को मतदान से दूर रहने का निर्देश दिए जाने के बाद गहलोत के पास 102 विधायकों का समर्थन रह जाएगा। बहुमत के लिए उन्हें 101 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में राजस्थान में भी सत्ता का खेल गड़बड़ हो सकता है।