राजस्थान में जारी सियासी संकट पर भाजपा नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के पास बहुमत के लिए नंबर मौजूद नहीं हैं, अगर उनके पास विधायक हैं तो वो फ्लोर टेस्ट में साबित करें। कटारिया ने कहा कि सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री के पद से बर्खास्त किए जाने के बाद राजस्थान कांग्रेस में विभाजन देखा जा सकता है। अब, यदि मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले फ्लोर पर बहुमत साबित करना चाहिए। अगर वह बिना फ्लोर टेस्ट के ऐसा करते हैं तो अच्छा संदेश नहीं जाएगा।
मंगलवार को कांग्रेस ने सचिन पायलट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें उपमुख्यमंत्री पद और प्रदेशाध्यक्ष पद से हटा दिया है। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे और उन्हें पायलट सहित तीन मंत्रियों की बर्खास्तगी के बारे में सूचित किया। पद से हटाए जाने पर पायलट ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा सोनिया गांधी से मिलने के लिए पहुंची हैं।
वहीं, राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि लोग इस सरकार से नाराज और निराश हैं। दुनिया की कोई भी शक्ति इसे बचा नहीं सकती है। हमारी प्राथमिकता है कि यह सरकार अपनी सत्ता खो दे। हम सतर्क हैं, स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जैसी स्थिति सामने आएगी उसके हिसाब से हम रणनीति तय करेंगे।