राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने टिकट देने के लिए नए मापदंड तय किए हैं जिससे चुनाव लड़ने के इच्छुक कई उम्मीदवारों की नींद उड़ गई है। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी ने लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं देने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश की तरह ही राजस्थान में भी इस फार्मूले को लागू कर दिया गया है। नई दिल्ली में लगातार दो दिन तक चली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके लागू होते ही दो दर्जन कांग्रेस नेता टिकट दावेदारी के दौड़ से खुद-ब-खुद बाहर हो जाएंगे। इस फॉर्मूले के तहत कांग्रेस के दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी चुनावी रेस से बाहर हो जाएंगे।
दिलचस्प बात यह है कि लंबे अंतराल पर पिछला चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों ने राहत की सांस ली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार सोमवार देर रात तक चली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने वाले उम्मीदवार, 70 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले नेता, सांसद का चुनाव लड़ चुके नेता और लंबे अंतराल से पिछले चुनाव में हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने पर गहन चर्चा की गई। बैठक में सिर्फ लगातार दो बार से हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिए जाने के मापदंड पर सहमति बन पाई। जबकि दूसरे मापदंडों पर सहमति नहीं बन पाई। इसलिए उन बिंदुओं को छोड़ दिया गया।
कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी ने राजस्थान के लिए 175 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है। पार्टी 52 नेताओं को पहले ही टिकट देने का इशारा कर चुकी है जिससे वे चुनाव तैयारियों में जुट जाएं। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की इच्छा के मुताबिक ही स्क्रीनिंग कमेटी ने सर्वे रिपोर्ट में आए संभावित दावेदारों के नाम और जमीनी कार्यकर्ताओं की राय पर खास तवज्जो दी।
ये नेता नहीं कर पाएंगे टिकट की दावेदारी
टिकट वितरण पर कांग्रेस नए मापदंड को पूरी तरह से लागू कर देगी तो कई पूर्व सांसदों का विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना टूट जाएगा। इस फैसले से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास, पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, पूर्व सांसद महेश जोशी और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हरीश चौधरी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
लगातार दो चुनाव हारे नेता
दो बार हारने वाले नेताओं में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व चेयरमैन ममता शर्मा, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान, नईमुद्दीन गुड्डू, मीनाक्षी चंद्रावत, बीडी कल्ला, नरेंद्र शर्मा, डा.सीएस बैद, जुबेर खान, बनवारी लाल शर्मा, रिछपाल सिंह मिर्धा, संयम लोढ़ा, हरी सिंह राठौड़ जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं।