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राजस्थान विधानसभा चुनाव: राजघराने से वसुंधरा कैसे पहुंची सियायत की कुर्सी पर

Sat, 20 Oct 2018 08:00 AM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
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वसुंधरा राजे (फाइल फोटो)
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राजस्थान में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी शुरू हो गई है। एक तरफ कांग्रेस जहां सत्ता में आने की कोशिश कर रही है वहीं दूसरी ओर भाजपा अपने वर्चस्व को दूसरे कार्यकाल की ओर विस्तारित करने में लगी है। राजस्थान की मौजूदा मुख्यमंत्री हैं वसुंधरा राजे। राजे एक शाही खानदान से ताल्लुक रखती हैं।  वसुंधरा राजे राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं। उनका जन्म 8 मार्च 1953 को मुम्बई में हुआ और वह ग्वालियर के राजघराने से हैं। उनके पिता जीवाजी राव सिन्धिया और मां विजया राजे सिन्धिया है जो मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता माधव राव सिंधिया की बहन हैं। उनका विवाह धौलपुर के एक जाट राजघराने में हुआ। तब से ही वे राजस्थान से जुड़ गईं थी। वसुंधरा राजे 1984 में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हुई। 1987 में वसुंधरा राजे राजस्थान प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष बनीं। 1998-1999 में अटलबिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उन्हें जगह मिली। राजे को विदेश राज्यमंत्री बनाया गया।

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वसुंधरा राजे को अक्टूबर 1999 में फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री के तौर पर स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया। भैरोंसिंह शेखावत के उपराष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें राजस्थान में भाजपा राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया गया. आठ दिसम्बर 2003 को वह वसुंधरा राजे ने राजस्थान  की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. वह चार बार विधायक रही हैं. वह 1985-90, 2003-08, 2008-13 और 2013 से 14वीं राजस्थान विधान सभा झालरापाटन से विधायक हैं. वह पांच बार लोकसभा की सदस्य रही हैं. इसमें  9वीं लोकसभा में 1989-91 तक, 10वीं लोकसभा में 1991-96, 11वीं लोकसभा में 1996-98, 12वीं लोकसभा में 1998-99 तक और 13वीं लोकसभा में 1999-03 तक सांसद रहीं. इसके अलावा वसुंधरा राजे को प्रदेश की दो बार मुख्यमंत्री बन चुकी हैं। पहली बार 8 दिसंबर 2003 और दूसरी बार 13 दिसंबर 2013। 

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