राजस्थान में कांग्रेस ने सत्ता वापसी के लिए सूरमाओं की पूरी फौज उतारी है मगर इन सभी नेताओं में से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट की डिमांड ज्यादा है। कांग्रेस का हर उम्मीदवार चाहता है कि दोनों ही नेता उनके निर्वाचन क्षेत्र में सभा करें। इसके लिए उम्मीदवार पार्टी हाई कमान के आगे अर्जी लगा रहे हैं।
बाकी नेताओं की ऐसी लोकप्रियता देखने को नहीं मिल रही। यहां तक कि कांग्रेस के महासचिव अविनाश पांडेय, केंद्रीय चुनाव समिति के मुकुल वासनिक और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा भी राज्य में चुनाव प्रचार कर रहे हैं मगर गहलोत और पायलट के आगे इनकी लोकप्रियता फीकी पड़ जाती है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि गहलोत और पायलट दोनों ही अच्छे वक्ता, स्थानीय मुद्दों के जानकार, मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी और प्रदेश की जनता की नब्ज को जानने वाले हैं। यही वजह है कि प्रचार में इनकी डिमांड ज्यादा है। गहलोत और पायलट के साथ सेल्फी लेने की भी होड़ लगी रहती है।
बता दें कि कुछ वक्त पहले पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की थी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्दू, आनंद शर्मा और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित अशोक गहलोत और सचिन पायलट का भी नाम था।
26 नवंबर को दरगाह शरीफ और ब्रह्मा मंदिर में दर्शन के बाद राहुल गांधी ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने जालौर, जोधपुर और जैसलमेर में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आगे उनकी और भी चुनावी सभाओं का कार्यक्रम है।