मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह किसी जाति विशेष का होने के कारण नहीं बल्कि 36 कौमों के प्यार व विश्वास के कारण ही राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं।अशोक गहलोत ने जयपुर के बिड़ला सभागार में डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बोलते हुए यह बात कही।
वे डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। डॉ. आंबेडकर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने के अपने सपने का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा, 'मुझे लगता है कि इस सपने को पूरा करने के लिए ही राज्य की जनता ने मुझे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाया है।'
उन्होंने मुस्कुराते हुए आगे कहा, 'जाति-पाति के हिसाब से तो मैं मुख्यमंत्री बन नहीं पाता। मेरी जाति का एक ही विधायक है और वह मैं खुद ही हूं। अगर राज्य की 36 कौम मुझे प्यार नहीं करतीं, मुझ पर विश्वास नहीं करतीं तो मैं आज आपके सामने खड़े होकर दो बातें कहने की स्थिति में नहीं होता।'
गहलोत ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना, मूल कर्तव्यों और इसके मूलभूत तत्वों की समझ आमजन मे विकसित हो जाए तो गरीबी-अमीरी, वर्गभेद सहित देश की कई समस्याएं स्वतः ही दूर होने लगेंगी।
सभी विभागों की प्रगति रिपोर्ट को लेकर समीक्षा बैठक
इसके साथ ही अशोक गहलोत सरकार अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करनी जा रही है। मुख्यमंत्री सभी विभागों की प्रगति रिपोर्ट को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे।सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार को शाम पांच बजे सभी विभागों के अधिकारियों को रिपोर्ट के साथ तलब किया है। इसके लिए प्रशासनिक सुधार विभाग ने सभी विभागों को मीटिंग नोटिस जारी कर आवश्यक रूप से मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।