भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी चित्तौड़गढ़ की टीम ने शुक्रवार को पट्टा जारी करने की एवज में एक सरपंच को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल, सरपंच से सत्यापन के दौरान वसूली गई राशि के बारे में पूछताछ जारी है।
बता दें कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक हेमंत प्रियदर्शी के मुताबिक, चित्तौड़गढ़ ब्यूरो के समक्ष एक व्यक्ति ने शिकायत की। शिकायत में बताया गया कि उसके कब्जेशुदा भूखंड का पट्टा जारी करने के नाम पर राशमी तहसील के जाड़ाना ग्राम पंचायत के सरपंच संजय सुखवाल उर्फ संजू तीन लाख 40 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक उदयपुर राजेंद्र प्रसाद गोयल के सुपरविजन में चित्तौड़गढ़ इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश संधू के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। इस दौरान सरपंच संजय सुखवाल द्वारा परिवादी से एक लाख रुपये रिश्वत वसूली गई। शेष राशि दो लाख 40 हजार रुपये आज यानी शुक्रवार को देना तय हुआ था।
इसी क्रम में एसीबी की टीम जाड़ाना पहुंची और कार्रवाई शुरू की। जैसे ही परिवादी ने दो लाख 40 हजार रुपये की नकदी सरपंच सुखवाल को थमाई, शिकायतकर्ता का इशारा पाकर टीम ने सरपंच को दबोच लिया। उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान परिवादी से एक लाख रुपये रिश्वत के रूप में वसूल किए गए थे। उस राशि को बरामद करने की कोशिश की जा रही है। आरोपी सरपंच की ओर से हाल ही में जारी किए गए अन्य पट्टों के संबंध में भी पड़ताल की जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार को आरोपी को उदयपुर स्थित विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा।