उम्मीद है कि मई 2023 में बोकी भागली के घर बिजली से रोशन हो सकेंगे। बोकी भागली 150 आदिवासी परिवारों से आबाद है। सीएम सलाहकार और निर्दलीय विधायक संयम लोढा भी पिछले साढ़े चार साल से वन विभाग से आदिवासियों के हित में भूमि की परमिशन लेने में जुटे थे। अब चुनावी साल में ये कोशिशें कामयाब हो गई हैं। जल्द ही बोकी भागली के आदिवासियों को बिजली की रोशनी नसीब होगी। लम्बी लड़ाई के बाद वन विभाग ने वन क्षेत्र में बिजली की लाइन बिछाने की स्वीकृति जारी कर दी है।
आदिवासी ढाणी बोकी भागली में विद्युतीकरण के लिए जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड सिरोही ने पोर्टल पर वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत प्रकरण संख्या 21996/2016 का आवेदन किया गया। इस प्रपोजल में बहुत सी कमियां होने के कारण साल 2022 में प्रयोक्ता अभिकरण ने परिवेश पोर्टल से प्रपोजल रजिस्टर्ड करवाया गया। प्रयोक्ता अभिकरण जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड सिरोही ने दोबारा आदिवासी वाणी बोकी भागली में विद्युतीकरण के लिए फिर से वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत आवेदन 150794/2022 और संशोधित आवेदन संख्या 402437/2022 से आवेदन किया।
जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड सिरोही और सरपंच ग्राम पंचायत गोयली ने बोकी भागली आदिवासी ढाणी विद्युतीकरण के लिए अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी वन अधिकारी की मान्यता अधिनियम 2006 और नियम 2006 की धारा 3/2 के अन्तर्गत वन विभाग में आवेदन किया गया। इस पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने 20 अप्रैल 23 को इस आदिवासी ढाणी बोकी भागली में विद्युतीकरण के लिए नियमानुसार स्वीकृति जारी कर दी। साथ ही वन अधिकारी शुभम जैन ने लेटर जारी कर बोकी भागली में इलेक्ट्रिफिकेशन वर्क को लेकर स्वीकृति पत्र जारी किया।