दिल्ली में हुई रैली का गम अभी मिटा भी नहीं होगा कि राजस्थान में भी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को एक बार फिर अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा।
जोधपुर में चुनावी रैली के दौरान राहुल को एक बार फिर निराशाजनक हालात का सामना करना पड़ा। उमैद स्टेडियम में जब उनके भाषण शुरू करने के 13 मिनट बाद ही लोग उठकर जाने लगे तो राहुल को भी अपनी स्पीच को छोटा करने पर मजबूर होना पड़ा।
इसके अलावा राहुल गांधी के भाषण से पहले ही वहां मौजूद नौजवानों ने उन्हें हूट करना शुरू कर दिया था। करीब दस मिनट बाद ही लोगों ने संयम का साथ छोड़कर जाना शुरू कर दिया।
हालांकि, दिल्ली में शीला दीक्षित से उलट राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों से राहुल गांधी के बैठे रहने तक वहां बने रहने की कोई अपील नहीं की।
मुख्यमंत्री के गढ़ में हुई चुनावी रैली में राहुल तय कार्यक्रम से करीब आधे घंटे देर से पहुंचे। इसमें हिस्सा लेने के लिए लोग दूर-दूर से आए थे।
सवेरे से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। राहुल गांधी को दोपहर 2 बजे मंच पर पहुंचना था, लेकिन वह करीब साढ़े तीन बजे मंच पर पहुंच सके।
वहां मौजूद लोगों को निराश करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अपने भाषण की शुरुआत भाजपा पर लगाए गए उन्हीं आरोपों से की, जो उन्होंने चित्तोड़गढ़, चुरू, अलवर और दूसरी जगह लगाए थे।