पीपल्स यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने समान सोच वाले संगठनों के साथ मिलकर शनिवार को यहां केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया और राजनीतिक दलों से न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा राय ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भाजपा ने दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं को उनके प्रमुख मुद्दों से भटकाने का हरसंभव प्रयास किया और जब इनको भटका नहीं सके तो युद्धोन्माद फैलाया जा रहा है। इस आरोपपत्र में भाजपा पर भारतीय सेना का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है।
संगठन ने अपने आरोपपत्र में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि 2014 से दस राज्यों में कम से कम 75 मौत भुखमरी से हुईं व मोदी सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन के लिए आधार अनिवार्य किए जान से लाखों परिवार राशन नहीं ले पाये। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि भाजपा के शासन काल में बेरोजगारी दर सात प्रतिशत बढ़ी जो 45 साल में पहली बार हुआ है।
पीयूसीएल की राजस्थान अध्यक्ष कविता श्रीवास्तव ने कहा कि संगठन ने वर्तमान सरकार के प्रदर्शन का विश्लेषण करने के बाद यह आरोप पत्र तैयार किया है और अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य व शिक्षा को लेकर एक मांग पत्र तैयार किया है। संगठन ने मांग की है कि राजनीतिक दल उक्त मुद्दों को लेकर एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करें।